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योग फेडरेशन ने द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए बाबा राम रहीम की सिफ़ारिश की

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख और मैसेंजर ऑफ़ गॉड, जट्टू इंजीनियर जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाने वाले बाबा गुरमीत राम रहीम ने खेल मंत्रालय से द्रोणाचार्य अवॉर्ड (लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड) के लिए दावेदारी की है.

Gurmeet Ram Rahim Singh PTI

बाबा गुरमीत राम रहीम. (फोटो: पीटीआई)

डेरा सच्चा सौदा के मुखिया बाबा गुरमीत राम रहीम ने द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए खेल मंत्रालय को आवेदन भेजा है. ‘द्रोणाचार्य अवॉर्ड’ खेलों में सफल खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने वाले कोच को दिया जाता है.

योग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (वाईएफआई) ने बाबा गुरमीत राम रहीम को द्रोणाचार्य अवॉर्ड दिए जाने को लेकर खेल मंत्रालय को सिफारिश भी की है.

द वायर से वाईएफआई के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल ने बताया, ‘बाबा जी के बहुत सारे शिष्य ‘योग स्पोर्ट्स’ में एशिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत सारे मेडल जीत चुके हैं. नीलम इंसा, करम दीप, स्वपनिल, कीर्ति और नवजोत सभी बाबा जी के शिष्य हैं और देश के लिए योग स्पोर्ट्स में मेडल जीत चुके हैं.

अमर उजाला की ख़बर के अनुसार इस अवॉर्ड के लिए ओलंपिक में पदक जीतने वाली साक्षी मलिक के कोच कुलदीप और मनदीप समेत 35 खेल प्रशिक्षकों ने द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए अपनी दावेदारी खेल मंत्रालय को भेजी है. खेल मंत्रालय को गुरमीत राम रहीम का आवेदन 28 अप्रैल को मिला था, जो कि आवेदन करने की अंतिम तारीख थी.

सबसे अहम बात इसी बीच सामने आई है कि गुरमीत राम रहीम ने दरअसल ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट’ की श्रेणी में आवेदन किया है. लेकिन उन्होंने आवेदन में खेल कैटेगरी के स्थान पर ‘मिसलेनियस’ लिखा है. खेल मंत्रालय के नियमों के अनुसार खेल कैटेगरी के स्थान पर खेल का नाम लिखना अनिवार्य है.

डीएनए की ख़बर के अनुसार खेल मंत्रालय ने दिसंबर 2016 में योग को खेल की श्रेणी से बाहर कर दिया था, जबकि 2015 में योग को खेल की श्रेणी में डाला गया था.

खेल मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार वाईएफआई को मान्यता नहीं दी गई है और खेल मंत्रालय केवल 47 राष्ट्रीय खेल महासंघों को पहचानता है. योग खेल मंत्रालय के अंतर्गत नहीं बल्कि आयुष मंत्रालय के अंतर्गत आता है. गुरमीत राम रहीम के इस आवेदन पर मंत्रालय भी खुद हैरान है.