कैंपस

तमिलनाडु: आत्महत्या करने वाली आईआईटी छात्रा के पिता का प्रोफेसर पर उत्पीड़न का आरोप

आईआईटी मद्रास के हॉस्टल में नौ नवंबर को मानविकी और समाज विज्ञान की छात्रा फ़ातिमा लतीफ़ का शव फंदे से लटका मिला था. केरल से आने वाली इस छात्रा के पिता ने आईआईटी के एक प्रोफेसर द्वारा उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से मामले की जांच करवाने की मांग की है.

IIT madras Twitter

फोटो साभार: ट्विटर

चेन्नई: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास में हॉस्टल के कमरे में मृत पाई गई छात्रा के पिता ने असिस्टेंट प्रोफेसर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया और जांच की मांग की.

19 वर्षीय फातिमा लतीफ़ 9 नवंबर को हॉस्टल के कमरे में कथित तौर पर खुदकुशी की थी. वह आईआईटी मद्रास में मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग की छात्रा थी.

न्यूज़ मिनट के मुताबिक फ़ातिमा के पिता अब्दुल लतीफ़ ने मंगलवार को मीडिया को बताया था कि उनके पास यह साबित करने के लिए सबूत हैं कि उनकी बेटी का उनके विभाग में कुछ प्रोफेसरों द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा था.

उन्होंने दावा है कि फ़ातिमा के मोबाइल फोन से सुसाइड नोट मिला है. अपनी बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अब्दुल लतीफ ने यह भी चिंता व्यक्त की थी कि उसके फोन के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है.

आज तक के मुताबिक पीड़िता के पिता अब्दुल लतीफ ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को लिखे खत में उनकी बेटी के मोबाइल फोन में सुसाइड नोट मिलने की बात कही है, जिसमें फातिमा लतीफ ने एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है.

उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री से फातिमा की मौत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

अब्दुल लतीफ ने बताया कि उनकी बेटी ने उनसे परीक्षा के लिए पढ़ाई करने की बात कहकर अपना मोबाइल स्विच ऑफ करने की बात कही थी. उनके दोस्तों ने भी इसको लेकर कुछ साफ-साफ नहीं बताया.

बाद में हॉस्टल के वॉर्डन ने परिवार को फातिमा के खुदकुशी की जानकारी दी थी. इसके बाद जब परिजन चेन्नई गए और फातिमा की बहन आयशा लतीफ ने फोन स्विच ऑन किया, तो उसमें एक मैसेज मिला. इसमें लिखा था- ‘असिस्टेंट प्रोफेसर… मेरी मौत की वजह है. प्लीज मेरा सैमसंग नोट चेक करिए.’

मृतक छात्रा के परिजनों का दावा है कि आईआईटी के एक प्रोफेसर लगातार फातिमा का उत्पीड़न कर रहे थे, जिसके चलते उसकी गरिमा को ठेस पहुंची थी.

अब्दुल लतीफ ने आरोप लगाया कि आईआईटी कैंपस में भी लोगों ने फातिमा की मौत को लेकर विरोधाभासी बयान दिए हैं और आईआईटी मामले पर पर्दा डाल रहा है.

पुलिस ने फातिमा लतीफ़ की आत्महत्या मामले की जांच को केंद्रीय अपराध शाखा को सौंप दिया गया है. पुलिस आयुक्त एके विश्वनाथन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मामले की जांच केंद्रीय अपराध शाखा की एक टीम द्वारा की जाएगी. उस टीम का नेतृत्व पूर्व सीबीआई डीआईजी और सीसीबी के वर्तमान संयुक्त आयुक्त सी ईस्वरमूर्ति करेंगे और इसमें सीबीआई के एक और पूर्व सहायक आयुक्त प्रभाकरन होंगे.

विश्वनाथन कहा, ‘महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के लिए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त एस मेगालिना मामले में जांच अधिकारी होंगी क्योंकि यह एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है, हमने तय किया है कि इस मामले की जांच टीम में वरिष्ठ अधिकारियों का होना जरूरी है.’