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जस्टिस एसए बोबडे ने भारत के 47वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली

एसए बोबडे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रह चुके हैं. वह कई महत्वपूर्ण पीठों का हिस्सा रहे हैं. इसके अलावा मुंबई में महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और नागपुर में महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के वह चांसलर भी हैं.

जस्टिस शरद अरविंद बोबडे. (फोटो: पीटीआई)

जस्टिस शरद अरविंद बोबडे. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने सोमवार को भारत के 47वें मुख्य न्यायाधीश पद की शपद ली. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सुबह उन्हें राष्ट्रपति भवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलवाई.

एसए बोबडे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रह चुके हैं. वह कई महत्वपूर्ण पीठों का हिस्सा रहे हैं. इसके अलावा मुंबई में महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और नागपुर में महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के वह चांसलर भी हैं.

नागपुर विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री प्राप्त करने के बाद साल 1978 में जस्टिस बोबडे महाराष्ट्र बार काउंसिल में शामिल हुए थे. उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के नागपुर बेंच में करीब 21 साल से ज्यादा समय तक वकालत की और कई महत्वपूर्ण मामलों में पेश हुए.

वह अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में 29 मार्च 2000 को बॉम्बे हाईकोर्ट की खंडपीठ का हिस्सा बने थे.

उन्होंने 16 अक्टूबर 2012 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी. वह 12 अप्रैल 2013 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए थे.

जस्टिस बोबडे का जन्म 24 अप्रैल 1956 को नागपुर में हुआ था. वह 23 अप्रैल 2021 को रिटायर होने वाले हैं. वह सुप्रीम कोर्ट में चल रहे अयोध्या विवाद, बीसीसीआई और पटाखों के खिलाफ चल रहे मामलों का हिस्सा रह चुके हैं.

जस्टिस गोगोई ने तीन अक्टूबर 2018 को देश के 46वें चीफ जस्टिस के तौर पर शपथ ग्रहण किया था. वह 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो गए.