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जेएनयू में फीस बढ़ोतरी पर छात्रों के विरोध के बाद केंद्र ने समिति बनाई

मानव संसाधन और विकास मंत्रालय ने फीस वृद्धि पर छात्रों के विरोध को लेकर उनसे और प्रशासन से बात करने के लिए एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसमें यूजीसी के पूर्व चेयरमैन प्रोफेसर वीएस चौहान, एआईसीटीई के चेयरमैन प्रोफेसर अनिल सहस्त्रबुद्धे और यूजीसी के सचिव प्रोफेसर रजनीश जैन शामिल हैं.

New Delhi: Jawaharlal Nehru University students display placards during a protest against the administration's 'anti-students' policy, in New Delhi, Monday, Nov. 11, 2019. Students wanted to march towards the All India Council for Technical Education (AICTE), where Vice President Venkaiah Naidu was addressing the university's convocation at an auditorium. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI11_11_2019_000109B)

फीस वृद्धि के विरोध में प्रदर्शन करते जेएनयू के छात्र. (फाइल फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय ने सोमवार को तीन सदस्यीय एक समिति गठित की, जो जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की सामान्य कार्यप्रणाली बहाल करने के तरीकों पर सुझाव देगी.

इस समिति के सदस्य विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के पूर्व चेयरमैन प्रोफेसर वीएस चौहान, एआईसीटीई के चेयरमैन प्रोफेसर अनिल सहस्त्रबुद्धे और यूजीसी के सचिव प्रोफेसर रजनीश जैन हैं.

अधिकारियों ने बताया कि जेएनयू पर एचआरडी मंत्रालय की समिति छात्रों एवं प्रशासन से बातचीत करेगी और सभी समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव देगी.

उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय के छात्र उस मसौदा छात्रावास नियमावली के खिलाफ तीन सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे हैं जिसमें छात्रावास का शुल्क बढ़ाने, ड्रेस कोड तय करने और छात्रावास में आने-जाने का समय तय करने की बात की गई है.

जेएनयू छात्र संघ ने अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों से छात्रावास शुल्क वृद्धि और उच्च शिक्षा को प्रभावित करने वाले अन्य मुद्दों के विरोध में सोमवार को संसद तक निकाले जा रहे मार्च में शामिल होने की अपील की है.

इस बीच जेएनयू के कुलपति जगदीश कुमार ने विरोध कर रहे छात्रों से बीते रविवार को अपील की कि वे अपनी कक्षाओं में लौट आएं क्योंकि परीक्षाएं नजदीक हैं. विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि उन्हें चिंतित अभिभावकों और छात्रों के ई-मेल आ रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘यदि हम अभी भी हड़ताल पर अड़े रहे तो इससे हजारों छात्रों के भविष्य पर असर होगा. कल से एक नया हफ्ता शुरू होगा और मैं छात्रों से अनुरोध करता हूं कि आप कक्षाओं में वापस आइए और अपने शोध कार्यों को आगे बढ़ाइए. 12 दिसंबर से सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू होंगी और अगर आप कक्षाओं में नहीं जाएंगे तो इससे आपके भविष्य के लक्ष्य प्रभावित होंगे.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)