राजनीति

लोकसभा में प्रज्ञा ठाकुर ने नाथूराम गोडसे को फिर बताया देशभक्त

एसपीजी संशोधन विधेयक पर हो रही बहस में द्रमुक सांसद ए. राजा नाथूराम गोडसे के एक बयान का संदर्भ दे रहे थे, जब भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने उन्हें टोकते हुए कहा कि आप एक देशभक्त का उदाहरण नहीं दे सकते.

**EDS: RPT WITH DETAIL**Mumbai: BJP MP Pragya Singh Thakur arrives at sessions court for the hearing of Malegaon blast case in Mumbai, Friday, June 7, 2019. Six people were killed and over 100 injured when an explosive device strapped to a motorcycle went off near a mosque in Malegaon on September 29, 2008. According to police, the motorbike was registered in Thakur's name and that led to her arrest in 2008. (PTI Photo/Shashank Parade)(PTI6_7_2019_000032B)

प्रज्ञा ठाकुर. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को एक बार फिर देशभक्त कहा. इसे लेकर कांग्रेस सदस्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है.

इंडिया टुडे के अनुसार सदन में स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) संशोधन विधेयक को लेकर चर्चा हो रही थी और द्रमुक सांसद ए. राजा नाथूराम गोडसे के एक बयान का जिक्र कर रहे थे, जहां उसने गांधी को मारने के बारे में कहा था.

जब वे यह कह रहे तभी उन्हें बीच में टोकते हुए प्रज्ञा ठाकुर ने कहा, ‘आप एक देशभक्त का उदाहरण नहीं दे सकते.’

इस पर कांग्रेस के कई सदस्यों ने आपत्ति जताई और वे यह आरोप लगाते हुए सुने गए कि उन्हें (प्रज्ञा) को प्रधानमंत्री का संरक्षण मिला हुआ है.  इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी प्रज्ञा ठाकुर को बैठने का इशारा करते नजर आए.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस सदस्यों से बैठने की अपील करते हुए कहा कि सिर्फ ए. राजा की बात रिकॉर्ड में जा रही है और प्रज्ञा ठाकुर की बात रिकॉर्ड में नहीं ली गयी है.

राजा ने कहा था कि गोडसे ने यह स्वयं स्वीकार किया था कि उसके मन में गांधी के लिए 32 सालों से द्वेष भरा था, जिसके चलते उसने गांधी को मारने का निर्णय लिया था. राजा ने कहा कि गोडसे ने गांधी को इसलिए मारा क्योंकि वह एक विशेष विचारधारा में यकीन करता था.

कांग्रेस सांसदों ने प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर गहरी आपत्ति जताई है. कांग्रेस ने यह भी कहा कि गोडसे को बार-बार देशभक्त बताना भाजपा की घृणित राजनीति का उदाहरण है.

यह विवाद बढ़ने के बाद जब मीडिया ने प्रज्ञा ठाकुर से इस बयान के बारे में पूछा तब उन्होंने कहा कि पहले इसे पूरा सुनें. वे इस बारे में कल जवाब देंगी.

यह पहली बार नहीं है जब प्रज्ञा ठाकुर ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया है. लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान एक रोड शो कर रही प्रज्ञा ठाकुर ने एक सवाल के जवाब में कहा था, ‘नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, देशभक्त हैं और रहेंगे. गोडसे को आतंकी बोलने वाले खुद के गिरेबां में झांककर देखें.’

हालांकि, प्रज्ञा सिंह ठाकुर के इस बयान पर विवाद बढ़ने के बाद भाजपा ने कहा था कि उन्हें (प्रज्ञा) अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा था, ‘भाजपा इस बयान से सहमत नहीं है, हम इसकी निंदा करते हैं. पार्टी उनसे स्पष्टीकरण मांगेगी, उन्हें इस बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.’

इसके बाद ठाकुर ने अपने बयान के लिए माफी मांगते हुए कहा, ‘यह मेरी व्यक्तिगत राय है. मेरा इरादा किसी की भावना को ठेस पहुंचाने का नहीं था. यदि मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं माफी मांगती हूं. गांधी जी ने देश के लिए जो कुछ किया है, उसे भुलाया नहीं जा सकता. मेरे बयान को मीडिया ने तोड़-मरोड़कर पेश किया.’

प्रज्ञा ठाकुर के माफी मांगने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह भले ही माफी मांग लें लेकिन मैं उन्हें मन से कभी माफ नहीं कर पाऊंगा.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, ‘गांधी जी, गोडसे के बारे में जो भी बातें कही गई हैं, जो भी बयान दिए गए हैं, ये भयंकर ख़राब हैं. ये घृणा के लायक हैं, आलोचना के लायक हैं. सभ्य समाज के भीतर इस तरह की भाषा नहीं चलती है. इस तरह की सोच नहीं चल सकती इसलिए ऐसा करने वालों को सौ बार सोचना पड़ेगा. उन्होंने माफी मांग ली, अलग बात है लेकिन मैं उन्हें मन से माफ नहीं कर पाऊंगा.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)