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उत्तर प्रदेशः मिड डे मील के एक लीटर दूध में एक बाल्टी पानी मिलाकर 85 बच्चों को पिलाया

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र ज़िले का मामला. इस घटना को लेकर दूध में पानी मिलाने वाली रसोइया का कहना है कि उसने शिक्षामित्र के कहने पर ऐसा किया. मामले में दो शिक्षामित्रों को बर्खास्त किया गया है.

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उत्तर प्रदेश का सलाइबनवा प्राथमिक स्कूल (फोटोः एएनआई)

सोनभद्रः उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के एक स्थानीय स्कूल में मिड डे मील योजना के तहत कथित तौर पर एक लीटर दूध में एक बाल्टी पानी मिलाकर 85 छात्रों को पिलाने का मामला सामने आया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना सोनभद्र के कोटा गांव के सलाइबनवा प्राथमिक स्कूल की है.

सोशल मीडिया पर वायरल हुए घटना से संबंधित वीडियो में देखा जा सकता है कि सलाइबनवा प्राथमिक स्कूल में एल्यूमिनियम के एक बड़े कंटेनर में रखे गर्म पानी में रसोइया एक लीटर दूध मिलाती दिख रही हैं. इसके बाद वही दूध बच्चों को दिया जा रहा है.

यह मामला उजागर होने के बाद असिस्टेंट बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी.

असिस्टेंट बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा, ‘मुझे बताया गया कि दूध उपलब्ध नहीं था तो स्कूल प्रशासन द्वारा उन्हें संतुलित मात्रा में दूध मिलाने को कहा गया. मुझे भी यह बताया गया कि और दूध लाया जा रहा है लेकिन इस बीच तस्वीरें ले ली गईं.’

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में दो शिक्षामित्रों को बर्खास्त कर दिया गया है.

सोनभद्र के डीएम ने बताया, जानबूझकर दूध में पानी मिलाने के लिए शिक्षामित्र जितेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि स्कूल के शिक्षकों ने उनसे कहा था कि वे और दूध मंगवा रहे हैं. समय पर दूध उपलब्ध न करा पाने की वजह से शिक्षकों को भी निलंबित किया गया है.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, रसोइये द्वारा दूध में पानी मिलाने का वीडियो स्कूल के ही किसी स्टाफ ने बनाया है. स्कूल की रसोइया कहती हैं कि शिक्षामित्र के कहने पर ऐसा किया गया.

सलाइबनवा प्राइमरी स्कूल की रसोइया फूलवंती से जब पूछा कि एक पैकेट दूध में कितना पानी मिलाया? इस पर उन्होंने कहा कि एक पैकेट में एक बाल्टी पानी डाला है. पूछने पर कि कितने बच्चों को पिलाया? जवाब था 85 बच्चे.

जिले के खंड शिक्षा अधिकारी कहते हैं कि स्कूल से यह गलती तो हुई कि एक लीटर दूध में एक बाल्टी पानी मिलाकर 85 बच्चों को पिलाया गया, इस गलती का एहसास होते ही बच्चों को पूरा दूध पिलाया गया.
मालूम हो कि मिड डे मील में इस तरह की लापरवाही बरतने का यह पहला मामला नहीं है.
इससे पहले उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील में नमक-रोटी खिलाने का मामला सामने आया था, जिसके बाद वीडियो बनाने वाले पत्रकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी.
वहीं, उत्तर प्रदेश के सीतापुर के भी एक सरकारी स्कूल में बच्चों को मिड-डे मील में कथित तौर पर पानी में हल्दी डालकर चावल परोसने का मामला सामने आया था.
मालूम हो कि हाल ही में लोकसभा में भाजपा सांसद भारती प्रवीण पवार के एक सवाल के जवाब में मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरयाल निशंक ने बताया था कि बीते तीन साल के दौरान देशभर में मिड डे मील में भ्रष्टाचार की 52 शिकायतें मिली हैं, जिनमें सर्वाधिक 14 मामले उत्तर प्रदेश से हैं. इसके बाद बिहार में सात मामले दर्ज किए गए.