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इराक: सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री अब्दुल महदी ने इस्तीफा दिया

इराक में सुरक्षाबलों द्वारा 40 से अधिक प्रदर्शनकारियों को मारे जाने के बाद प्रधानमंत्री महदी ने इस्तीफा दिया है. प्रदर्शनकारी एक अक्टूबर से खस्ताहाल सेवाओं, नौकरियों के अभाव और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.

Adel-Abdul-Mahdi-Reuters

इराक के प्रधानमंत्री अदेल अब्दुल महदी (फोटोः रॉयटर्स)

नाइसिरियाः इराक के प्रधानमंत्री अदेल अब्दुल महदी ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच पद से इस्तीफा दे दिया है.

अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षाबलों द्वारा 40 से अधिक प्रदर्शनकारियों को मारे जाने की घटना के बाद बढ़े तनाव के बीच प्रधानमंत्री महदी ने शुक्रवार को ऐलान किया था कि वह पद से इस्तीफा देंगे.

मालूम हो कि शनिवार को कैबिनेट की आपात बैठक के बाद चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुल महदी सहित कई प्रमुख लोगों के इस्तीफों को मंजूरी दी गई.

इराकी संसद में रविवार को सांसद वोटिंग करेंगे कि क्या अब्दुल महदी के इस्तीफे को स्वीकार किया जाए या नहीं.

इराक के शीर्ष शिया नेता द्वारा शुक्रवार को सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद प्रधानमंत्री ने पद से इस्तीफे का ऐलान किया था.

पहले से रिकॉर्ड संबोधन में अब्दुल महदी ने कहा कि अगर संसद उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लेती है तो कैबिनेट को कार्यवाहक का दर्जा मिलेगा, जिसका मतलब है कि कैबिनेट न ही नए कानून बना पाएगी और न ही किसी तरह के महत्वपूर्ण फैसले ले पाएगी.

अब्दुल महदी ने अपना इस्तीफा संसद को भेज दिया है लेकिन यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि क्या आगामी संसदीय सत्र में सांसद इस पर मतदान करेंगे या विश्वासमत पर वोटिंग होगी.

इस सप्ताह राजधानी बगदाद, पवित्र शहर नजफ़ और प्रधानमंत्री महदी के जन्मस्थान नासिरिया शहर में हुई झड़पों में दर्जनों लोगों की मौत हुई.

एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि इस बीच राजधानी बगदाद और देश के दक्षिणी हिस्सों में प्रदर्शनकारियों का प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए और शनिवार को इराक के नसीरिया शहर के एक पुलिस थाने को चारों ओर से घेरते हुए सुधारों के लिए मांग की.

सूत्रों का कहना है कि पुलिस मुख्यालय के पास नासिरिया और जायतौना ब्रिज पर झड़प में 25 लोग घायल हो गए.

सुरक्षा और मेडिकल अधिकारियों का हवाला देकर एसोसिएटेड प्रेस (एपी) ने बताया कि शनिवार को सरकार विरोधी तीन प्रदर्शनकारियों को गोली मार दी गई और 58 घायल हो गए.

मालूम हो कि इस साल एक अक्टूबर से हुई झड़पों में अब तक 420 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और 15,000 लोग घायल हो गए. हजारों की संख्या में लोग बगदाद और दक्षिणी हिस्सों में सड़कों पर उतरकर भ्रष्टाचार, खस्ताहालत सेवाओं और रोजागर की कमी को खत्म करने की मांग कर रहे हैं.

प्रदर्शनकारी भ्रष्ट व्यवस्था को दुरुस्त करने और विदेशी शक्तियों से मुक्त कराने की मांग पर अड़े हुए हैं.

इस बीच इराक में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को रोकने में सरकार के नाकाम रहने और प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने के लिए उठाए गए कदमों के विरोध में चार सांसदों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

विरोध प्रदर्शनों के दौरान भीड़ को तितर-बितर करने करने के लिए सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले और साउंड बमों  का इस्तेमाल किया है. हिंसा को देखते हुए इराकी सरकार ने बगदाद सहित कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया था और इंटरनेट सेवा को भी ठप कर दिया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)