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फिल्म ‘द डेनिश गर्ल’ को टीवी प्रसारण प्रमाण पत्र देने का सेंसर बोर्ड को निर्देश

फिल्म प्रमाणन अपीलीय प्राधिकरण ने दिया निर्देश. साल 2016 में भारत के सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के बावजूद सेंसर बोर्ड ने टीवी प्रसारण पर रोक लगा दी थी.

The Danish Girl

(फोटो साभार: www.impawards.com)

फिल्म प्रमाणन अपीलीय प्राधिकरण (एफसीएटी) ने ब्रिटिश-अमेरिकी फिल्म ‘द डेनिश गर्ल’ को टीवी चैनलों पर दिखाए जाने के लिए उसे प्रमाण पत्र देने का सेंसर बोर्ड को निर्देश दिया है. इस प्रकार प्राधिकरण ने छोटे पर्दे पर फिल्म को नहीं दिखाए जाने के बोर्ड के फैसले को पलट दिया है.

वर्ष 2015 की जीवनी आधारित इस रोमांटिक फिल्म को टॉम हूपर ने निर्देशित किया है. यह फिल्म डेविड एबरशॉफ के उपन्यास पर आधारित है. यह फिल्म मुख्य रूप से डेनिश पेंटरों लिली एल्बे और गर्डा वेगेनर के जीवन से प्रेरित है.

डेनिश पेंटर लिली एल्बे डेनिश ट्रांसजेंडर महिला थी. वह सेक्स रिअसाइमेंट सर्जरी (लैंगिक पहचान बदलने के लिए किया जाने वाला आॅपरेशन) करवाने वाली पहली ज्ञात शख्सियत हैं. लिली का जन्म 1882 में ईनार वेगेनर के रूप में हुआ जो कि एक सफल पेंटर थी.

सार्वजनिक रूप से कभी-कभी वह लिली के रूप में सामने आती थीं और ख़ुद को ईनार की बहन बताती थी. साल 1930 सफलतापूर्वक बदलाव के बाद उन्होंने लिली इल्से एल्वेनीस का कानूनी नाम अपनाया और लिली एल्बे के नाम से चर्चित हुईं.

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने लिली के जीवन पर आधारित इस फिल्म को सिनेमाघरों में प्रदर्शन के लिए पिछले साल 15 जनवरी में ही मंज़ूरी दे दी थी और इसे ‘ए’ प्रमाणपत्र दिया था. हालांकि बोर्ड ने मार्च में फिल्म को यू/यूए प्रमाण पत्र देने से इंकार कर दिया था.

किसी फिल्म को टीवी चैनलों पर प्रदर्शन के लिए यह प्रमाण पत्र अनिवार्य होता है. बोर्ड ने कहा था कि यह फिल्म सिर्फ परिपक्व व्यस्कों के लिए ही होनी चाहिए. टीवी प्रसारण पर रोक लगाते हुए बोर्ड की ओर से कहा गया था कि फिल्म विवादास्पद है और बच्चों के देखने के लिए उपयुक्त नहीं है.

इधर, इस साल 26 मार्च को सेट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के चैनल ‘सोनी ली प्लेक्स एचडी’ ने इसका टीवी प्रसारण करने वाला था, लेकिन बोर्ड ने इसके प्रसारण को मंज़ूरी नहीं दी, जिसके बाद चैनल ने अपने दर्शकों से इसके लिए खेद जताया था.

फिल्म में ब्रिटिश अभिनेता एडी रेडमायने ने लिली वेगेनर की भूमिका में हैं, जो अपनी लैंगिक पहचान के साथ संघर्ष कर रहा होता है और सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी करवाने वाला पहला ज्ञात व्यक्ति बनता है.

साल 2016 में इस फिल्म के लिए एलीसिया वीकेंडर को बेस्ट सर्पोटिंग अभिनेत्री का आॅस्कर अवॉर्ड मिला था. इसके अलावा एडी रेडमायने को बेस्ट अभिनेता के रोल के लिए नामांकित किया गया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से सहयोग के साथ)

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