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भाजपा सांसद ने कहा, संस्कृत बोलने से मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल कम होता है

भाजपा सांसद गणेश सिंह ने लोकसभा में संस्कृत केंद्रीय विश्वविद्यालय विधेयक 2019 पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि अमेरिका आधारित एक शिक्षण संस्थान के अनुसंधान के अनुसार रोजाना संस्कृत भाषा बोलने से तंत्रिका तंत्र मजबूत होता है.

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भाजपा सांसद गणेश सिंह. (फोटो साभारः ट्विटर)

नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद गणेश सिंह का कहना है कि रोजाना संस्कृत भाषा बोलने से तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) मजबूत होता है और मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल कम होता है.

उन्होंने लोकसभा में संस्कृत केंद्रीय विश्वविद्यालय विधेयक 2019 पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि अमेरिका आधारित एक शिक्षण संस्थान के अनुसंधान के अनुसार रोजाना संस्कृत भाषा बोलने से तंत्रिका तंत्र मजबूत होता है और मधुमेह और कॉलेस्ट्रॉल कम होता है.

मध्य प्रदेश के सतना से भाजपा सांसद सिंह ने कहा कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एक अनुसंधान के अनुसार, अगर कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग संस्कृत में की जाए तो यह अधिक सुगम हो जाएगी.

सांसद गणेश सिंह के ये दोनों ही दावे गलत हैं.

बेंगलुरू के एनआईएमएचएएनएस की न्यूरो साइंटिस्ट ऋतिका सूद ने इस साल अगस्त में द वायर  में प्रोग्रामिंग भाषा के रूप में संस्कृत के बारे में लिखा था.

यह कैलिफोर्निया में नासा के रिसर्च सेंटर में काम कर चुके रिक ब्रिगस्क द्वारा 1985 में लिखे गए शोधपत्र से जुड़ा है, जिसमें कहा गया है कि कैसे एक प्राकृतिक भाषा एक कृत्रिम भाषा के तौर पर भी लाभदायक हो सकती है. उन्होंने इस संदर्भ में ऐसा कुछ भी नहीं कहा, जो सांसद ने सदन में बोले अपने वक्तव्य में कहा.

ऐसी अधिक संभावना है कि संस्कृत को लेकर भाजपा सांसद के संबोधन के शब्द रत्नेश द्विवेदी के वास्तविक लेख से गलत तरीके से लिए गए है. द्विवेदी ने वेबसाइट ‘इंटरनेट सोसाइटी’ के लिए 2010 में इस विषय पर कुछ पंक्तियां लिखी थीं.

इस विधेयक पर संस्कृत में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी ने कहा कि यह भाषा बहुत लचीली है और एक वाक्य को कई तरीकों से बोला जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न अंग्रेजी शब्द जैसे कि भाई और गाय संस्कृत से लिए गए हैं.

उन्होंने कहा,’द्रमुक के मित्र संस्कृत को लेकर जो कह रहे हैं, उनसे कहना चाहता हूं कि संस्कृत से तमिल या किसी भी भाषा का नुकसान नहीं होने वाला है. संस्कृत एक समावेशी भाषा है और दुनिया कई भाषाओं से इसका संबंध है.’ सारंगी ने यह भी कहा कि संस्कृत और तमिल में बहुत सारी समानताएं हैं.

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की गीता विश्वनाथ ने भी चर्चा में भाग लेते हुए संस्कृत में अपनी बात रखी और कहा कि वे इस भाषा को आगे बढ़ाने के हर कदम का समर्थन करेंगी.

आईयूएमएल के ईटी मोहम्मद बशीर ने कहा कि उन्होंने बतौर शिक्षा मंत्री केरल में एक संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना की थी, जो बेहतरीन ढंग से चल रहा है. कांग्रेस के अब्दुल खालिक ने कहा कि असम में भी संस्कृत विश्वविद्यालय का एक केंद्र खोला जाना चाहिए.

भाजपा के वीरेंद्र कुमार, एआईएमआईएम के इम्तियाज जलील, द्रमुक के डी. रवि कुमार, तृणमूल कांग्रेस की प्रतिमा मंडल और कुछ अन्य सदस्यों ने भी विधेयक पर चर्चा में भाग लिया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)