भारत

खाने-पीने का सामान महंगा होने से थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 0.58 प्रतिशत पर पहुंची

प्याज सहित अन्य सब्जियों, दाल और मांस, मछली जैसी प्रोटीन वाली वस्तुओं के दाम चढ़ने से नवंबर माह में खुदरा मुद्रास्फीति की दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत पर पहुंच गई थी.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी से थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति नवबंर महीने में बढ़कर 0.58 प्रतिशत पर पहुंच गई. अक्टूबर में यह 0.16 प्रतिशत पर थी.

मासिक थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति नवंबर 2018 में 4.47 प्रतिशत पर थी.

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के सोमवार को जारी आंकड़े के मुताबिक, खाने-पीने के सामान की मुद्रास्फीति अक्टूबर में 9.80 प्रतिशत से बढ़कर नवंबर 2019 के दौरान 11 प्रतिशत पर पहुंच गई. वहीं, गैर-खाद्य उत्पाद वर्ग की मुद्रास्फीति अक्टूबर में 2.35 प्रतिशत से कम होकर नवंबर में 1.93 प्रतिशत रह गई.

विनिर्मित उत्पाद के लिए थोक मुद्रास्फीति इस महीने भी शून्य से 0.84 प्रतिशत नीचे रही.

उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते आए आंकड़ों के मुताबिक, प्याज सहित अन्य सब्जियों, दाल और मांस, मछली जैसी प्रोटीन वाली वस्तुओं के दाम चढ़ने से नवंबर माह में खुदरा मुद्रास्फीति की दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत पर पहुंच गई थी. यह बीते तीन सालों या 40 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी. कई अर्थशास्त्रियों ने इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए काफी चिंता की बात कहा है.

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति इसी साल अक्टूबर में 4.62 प्रतिशत और नवंबर, 2018 में 2.33 प्रतिशत रही थी. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार नवंबर माह के दौरान खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 10.01 प्रतिशत पर पहुंच गई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)