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बिहार: गैंगरेप की कोशिश के दो दिन बाद नाबालिग को घर में घुसकर मारी गोली

मामला रोहतास ज़िले के रामोडीह गांव का है, जहां चार लोगों ने रविवार सुबह एक नाबालिग से बलात्कार का प्रयास किया. मंगलवार को ख़ुद को मीडियाकर्मी बताकर आरोपियों के परिजन पीड़िता के घर पहुंचे और उसे गोली मार दी.

Sasaram Bihar (2)

सासाराम: बिहार के रोहतास जिले में एक गांव में एक दलित नाबालिग युवती को उसके घर में घुसकर गोली मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया.

दैनिक भास्कर के अनुसार राजपुर थाना क्षेत्र के रामोडीह गांव में युवती से गैंगरेप के प्रयास के दो दिन बाद ही उसे गोली मार दी गई. गोली युवती की गर्दन में लगी है.

ग्रामीणों ने भाग रहे बाइक सवार दो लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. ये दोनों गैंगरेप के प्रयास के आरोपियों के परिजन हैं.

युवती ने कुछ दिन पहले ही चार लोगों के खिलाफ दुष्कर्म की कोशिश की प्राथमिकी दर्ज कराई थी. सामूहिक दुष्कर्म के प्रयास के चारों आरोपियों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुुकी है.

पुलिस ने बुधवार को बताया कि गोली मारने की घटना मंगलवार को राजपुर पुलिस थाना क्षेत्र में हुई. यहां रविवार रात से ही पुलिस का एक दल गश्त कर रहा है ताकि तनाव न बढ़े.

रोहतास के पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह ने बताया कि बलात्कार के प्रयास के सभी आरोपियों को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया था.

सासाराम के उप संभागीय पुलिस अधिकारी राजकुमार ने कहा, ‘परिवार के सदस्यों के अनुसार मंगलवार को चार हमलावर आए थे और उन्होंने खुद को पत्रकार बताया और कहा कि वह लड़की से बात करना चाहते हैं. जब लड़की आई तो उनमें से एक ने लड़की को गोली मार दी और फरार हो गए.’

एसडीपीओ ने बताया, ‘लड़की को गर्दन में गोली लगी थी और गोली की आवाज सुनकर गश्त कर रही पुलिस वहां पहुंची और लड़की को पीएचसी ले गए. इसके बाद सर्जरी की जरूरत पड़ने पर उसे जिला मुख्यालय अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसका ऑपरेशन हुआ. लड़की की हालत स्थिर है.’

रोहतास के एसपी सतवीर सिंह ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है.

प्रभात खबर के मुताबिक रविवार सुबह जब वह अपने दादी के साथ शौच के लिए गांव से बाहर जा रही थी, घने कोहरे का फायदा उठाते हुए चार लोगों ने उसे जबरन एक घर के अंदर खींचकर ताला लगा दिया.

बाद में चारों आरोपी घर में घुसकर उससे बलात्कार करने की कोशिश की. पीड़िता ने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई.

जब युवती घर वापस नहीं पहुंची तो उसकी मां उसे खोजने निकली, उसी दौरान उसके चिल्लाने की आवाज सुनाई दी. शोर मचाने से जुटी भीड़ को देखकर चारों युवक वहां से भाग गए.

इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई. पीड़िता के बयान के आधार पर चारों आरोपितों- फारुख खां, जफर खां, पिंटू खां और आजाद खां को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया.

इस घटना के बाद गांव में बड़ी संख्या में पुलिस को तैनात कर दिया गया है. भारी पुलिस बल तैनात होने के बावजूद रविवार रात घटनास्थल वाले घर को किसी ने आग लगा दिया, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया.

इस पर थानाध्यक्ष संजय कुमार यादव ने कहा, ‘असामाजिक तत्वों ने घर को आग लगाई थी, जिसे तुरंत बुझा दिया गया. मामले की जांच हो रही है.’

बलात्कार में नाकाम होने के बाद जलाई गई युवती ने दम तोड़ दिया

बिहार के ही मुजफ्फरपुर में 7 दिसंबर को बलात्कार की कोशिश नाकाम होने पर जलाई गई युवती ने मंगलवार को दम तोड़ दिया. राजधानी पटना के अपोलो अस्पताल में भर्ती पीड़िता दर्दनाक घटना में 80 फीसदी झुलस गई थी.

नवभारत टाइम्स के मुताबिक पीड़िता ने अपने आखिरी बयान में गुनहगारों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की थी.

घटना मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र की है, जहां रेप में विफल युवक ने युवती को जिंदा जला दिया था. पुलिस आरोपी युवक को गिरफ्तार कर चुकी है.

पुलिस के मुताबिक गांव का ही युवक पड़ोस में रहने वाली युवती के घर के अंदर घुसा और उसने युवती के साथ रेप करने की कोशिश की. जब युवती ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने युवती के शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी.

पीड़िता की मां का का कहना है कि आरोपी पिछले तीन साल से उनकी बेटी को परेशान करता था, जिसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं किया गया था.

यह मामला सामने आने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बिहार के चीफ सेक्रटरी और डीजीपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)