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सरकार के आदेश पर दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल सेवाएं बंद की गईं: एयरटेल

एयरटेल के अलावा वोडाफोन ने भी कहा है कि सरकार के निर्देश पर दिल्ली में मोबाइल सेवाओं को बंद किया गया है. अगला आदेश आने पर प्रतिबंध को हटाया जाएगा. आज दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं.

Men make phone calls as they sit on a railing with Bharti Airtel billboards installed on it, along a sidewalk in Kolkata February 1, 2013. REUTERS/Rupak De Chowdhuri/Files

(फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी एयरटेल ने कहा है कि उन्होंने सरकार के आदेश पर दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल सेवाओं को बंद किया है.

एनडीटीवी से बात करते हुए एयरटेल ने इस बात की पुष्टि की. इसके अलावा दिल्ली के एक यूजर द्वारा मोबाइल नेटवर्क सही से काम न करने को लेकर शिकायत करने पर एयरटेल ने ट्वीट कर ये जानकारी दी.

एयटेल ने ट्वीट कर कहा, ‘सरकार के निर्देशों के आधार पर वॉयस, इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं को फिलहाल के लिए बंद कर दिया गया है. जब प्रतिबंध आदेश हटाए जाएंगे तो मोबाइल सेवाएं सामान्य कर दी जाएंगी.’

इसके अलावा एक अन्य मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी वोडाफोन ने भी कहा है कि सरकार के निर्देश पर दिल्ली में मोबाइल सेवाओं को बंद किया गया है. अगला आदेश आने पर प्रतिबंध को हटाया जाएगा.

मालूम हो कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ आज (गुरुवार) को देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं. दिल्ली में लाल किला के पास धारा 144 लगा दी गई है. प्रदर्शन कर रहे दर्जनों लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, इसमें स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव भी शामिल हैं.

इसके अलावा दिल्ली में धर्मवीर गांधी, छात्र नेता उमर खालिद, कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित, स्वराज इंडिया के दिल्ली अध्यक्ष कर्नल जयवीर, आईसा अध्यक्ष सुचेता दे, यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के नेता नदीम खान समेत कई लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है.

वहीं बेंगलुरु पुलिस ने प्रख्यात इतिहासकार रामचंद्र गुहा को भी हिरासत में ले लिया है. नागरिकता कानून के खिलाफ बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर कर्नाटक के बेंगलुरु में धारा 144 लगा दी गई है.

इस कानून में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है. नागरिकता संशोधन विधेयक में उन मुसलमानों को नागरिकता देने के दायरे से बाहर रखा गया है जो भारत में शरण लेना चाहते हैं.

इस प्रकार भेदभावपूर्ण होने के कारण इसकी आलोचना की जा रही है और इसे भारत के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को बदलने की दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है. अभी तक किसी को उनके धर्म के आधार पर भारतीय नागरिकता देने से मना नहीं किया गया था.

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज दो विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. एक विरोध प्रदर्शन छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से आयोजित किया गया है जबकि दूसरा प्रदर्शन वामपंथी पार्टियों द्वारा आयोजित किया गया है. दोनों ही मार्च आईटीओ के निकट शाहीन पार्क में मिलेंगे.