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नागरिकता कानून विरोध प्रदर्शन: प्रशांत भूषण, हर्ष मंदर समेत अन्य को हिरासत में लिया गया

दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने वालों में योगेंद्र यादव, धर्मवीर गांधी, छात्र नेता उमर खालिद, कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित, स्वराज इंडिया के दिल्ली अध्यक्ष कर्नल जयवीर, आईसा अध्यक्ष सुचेता दे, यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के नेता नदीम खान समेत कई लोग शामिल हैं.

New Delhi: Supreme Court lawyer Prashant Bhushan addresses the media, at Supreme Court premises in New Delhi, Thursday, Sept 6, 2018. The Supreme Court on Thursday extended till September 12, the house arrest of five rights activists in connection with the violence in Koregaon-Bhima in the west central state of Maharashtra. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI9_6_2018_000097B)

प्रशांत भूषण. (फाइल फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव, सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर समेत कई लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने वालों में योगेंद्र यादव, धर्मवीर गांधी, छात्र नेता उमर खालिद, कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित, स्वराज इंडिया के दिल्ली अध्यक्ष कर्नल जयवीर, आईसा अध्यक्ष सुचेता दे, यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के नेता नदीम खान समेत कई लोग शामिल हैं.

हालांकि अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कुल कितने लोगों को हिरासत में लिया गया है. मालूम हो कि विवादास्पद नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. पुलिस ने छात्रों, आम नागरिकों समेत कई नामचीन हस्तियों को भी हिरासत में लिया है.

वहीं दिल्ली पुलिस ने मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों एयरटेल, वोडाफोन-आईडिया, जियो और एमटीएनएल/बीएसएनएल को आदेश दिया है कि दिल्ली के मंडी हाउस, सीलमपुर, जाफराबाद, मुस्तफाबाद, जामिया नगर, शाहीन बाग, बवाना एवं उत्तरी और केंद्रीय दिल्ली के विशेष इलाकों में मोबाइल सेवाओं पर प्रतिबंध लगाया जाए.

पुलिस के आदेश पर इन जगहों पर वॉयस, इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं को फिलहाल के लिए बंद कर दिया गया है.

विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए दिल्ली में लाल किला के पास धारा 144 लगा दी गई है. इसके अलावा कर्नाटक के बेंगलुरु और मंगलुरु में निषेधाज्ञा लागू की गई है. बेंगलुरु में निषेधाज्ञा गुरुवार सुबह 6 बजे से शुरू होकर 21 दिसंबर की मध्यरात्रि तक तीन दिनों तक लागू रहेगी.

मंगलुरु में प्रतिबंध गुरुवार सुबह से शनिवार आधी रात तक दो दिनों के लिए होगा. दोनों शहरों के पुलिस आयुक्तों ने अलग-अलग आदेश जारी किए.

आदेशों में कहा गया है कि किसी को भी विरोध प्रदर्शन करने, पटाखे फोड़ने या हथियार प्रदर्शित करने की अनुमति नहीं होगी. उन्होंने कहा कि इसका उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा.

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन करने के चलते बेंगलुरु पुलिस ने प्रख्यात इतिहासकार रामचंद्र गुहा को भी हिरासत में ले लिया है.

इस कानून में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है. नागरिकता संशोधन विधेयक में उन मुसलमानों को नागरिकता देने के दायरे से बाहर रखा गया है जो भारत में शरण लेना चाहते हैं.

इस प्रकार भेदभावपूर्ण होने के कारण इसकी आलोचना की जा रही है और इसे भारत के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को बदलने की दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है. अभी तक किसी को उनके धर्म के आधार पर भारतीय नागरिकता देने से मना नहीं किया गया था.

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज दो विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. एक विरोध प्रदर्शन छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से आयोजित किया गया है जबकि दूसरा प्रदर्शन वामपंथी पार्टियों द्वारा आयोजित किया गया है. दोनों ही मार्च आईटीओ के निकट शाहीन पार्क में मिलेंगे.