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नागरिकता क़ानून: उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भीषण हिंसा, छह लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, फ़िरोज़ाबाद, कानपुर, भदोही, बहराइच, बुलंदशहर, फर्रूखाबाद, बुलंदशहर, बिजनौर, संभल के अलावा कई अन्य ज़िलों में नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुए. कई बड़े शहरों में 45 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा ठप. इंटरनेट बंद होने से टीईटी की परीक्षा रद्द.

Gorakhpur: Police personnel and protestors throw stones at each other during a demonstration against the Citizenship Amendment Act (CAA), in Gorakhpur, Friday, Dec. 20, 2019. (PTI Photo)(PTI12_20_2019_000182B)

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर के विभिन्न इलाकों में पथराव और हिंसा की घटनाएं हुईं. (फोटो: पीटीआई)

लखनऊ/इलाहाबाद/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्से में शुक्रवार को नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में व्यापक प्रदर्शन हुआ है. प्रदेश के नए हिस्सों में हिंसा फैल गयी. अधिकारियों ने बताया कि राजधानी लखनऊ और अलीगढ़ में कुल मिलाकर शांति रही. गुरुवार को लखनऊ में उपद्रवियों ने जमकर हिंसा की थी.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में प्रदर्शनों के दौरान पांच से छह लोगों की मौत हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यूपी पुलिस ने इसकी पुष्टि भी की है. रिपोर्ट के अनुसार, दो लोग की मौत बिजनौर में हुई है, जबकि संभल, फिरोजाबाद, मेरठ और कानपुर में एक एक व्यक्ति के मारे जाने की सूचना है.

उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया, ‘राज्य में अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शनों के दौरान पांच लोगों की मौत हुई है.’

इसके अलावा प्रदेश के जिन नए जिलों से हिंसा की खबरें आ रही हैं उनमें गोरखपुर, फिरोजाबाद, कानपुर, भदोही, बहराइच, बुलंदशहर, फर्रूखाबाद और संभल शामिल हैं. प्रदर्शनकारियों को निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने से रोका गया तो उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया. कई जगहों पर उग्र प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया.

राजधानी लखनऊ के नजदीक स्थित बहराइच में हुए उग्र प्रदर्शन के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. मेरठ के लिसाड़ी गेट के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया. मुजफ्फरनगर में धारा 144 लागू होने के बाद भी लोगों ने इसका उल्लंघन करते हुए प्रदर्शन किया. वाराणसी में सुरक्षाबलों ने सुरक्षा की दृष्टि से फ्लैग मार्च किया.

कई बड़े शहरों में 45 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा ठप

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हिंसा फैलने से रोकने के प्रयास में उत्तर प्रदेश के कई बड़े शहरों में इंटरनेट सेवा अस्थायी तौर पर बंद कर दी गई है.

दूरसंचार कंपनियों के अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार के आदेश के बाद लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, आगरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, वाराणसी, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, बरेली, फिरोजाबाद, पीलीभीत, रामपुर, सहारनपुर, शामली, संभल, अमरोहा, मऊ, आजमगढ़ और सुल्तानपुर समेत कई बड़े शहरों में मोबाइट इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी गई है.

लखनऊ तथा गाजियाबाद समेत कुछ शहरों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गयी है.

उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने 19 दिसंबर को जारी आदेश में कहा कि एसएमएस और वॉट्सऐप जैसी संदेश प्रणालियों तथा फेसबुक एवं यूट्यूब जैसी सोशल मीडिया प्रणालियों का इस्तेमाल भावना भड़काने वाली तस्वीरें, वीडियो और संदेश भेजने के लिए व्यापक तौर पर होने की आशंका है.

उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म तथा इंटरनेट के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए एवं शहर के अमन चैन को बनाये रखने के लिए सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं की एसएमएस संदेश और मोबाइल इंटरनेट-डेटा सेवाएं को 19 दिसंबर अपराह्न तीन बजे से अगले 45 घंटे के लिए अस्थाई रूप से टालने का आदेश दिया गया है.

इस बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट केंद्र और राज्य सरकार से उत्तर प्रदेश में इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर जवाब मांगा है.

कानपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रेम प्रकाश के अनुसार इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गयी हैं. पूरे प्रदेश में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंसक प्रदर्शन पर सख्त रुख अपनाया था और बदला लेने की बात कही थी. इसके अलावा उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को हुई नुकसान की भरपाई उपद्रवियों की संपत्ति से करने की भी बात की थी.

उन्होंने कहा था, ‘लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है. संशोधित नागरिकता कानून के विरोध के नाम पर कांग्रेस, सपा और वाम दलों ने पूरे देश को आग में झोंक दिया है.’

इंटरनेट सेवा बंद होने से टीईटी की परीक्षा रद्द

उत्तर प्रदेश में जूनियर हाई स्कूल के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 22 दिसंबर को होने वाली अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को रद्द कर दिया गया है.

परीक्षा नियामक सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि इस परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र 12 दिसंबर से ही डाउनलोड किए जा रहे थे, लेकिन प्रदेश में कानून व्यवस्था को देखते हुए कई जगहों पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे प्रवेश पत्र डाउनलोड करने में समस्या आ रही है.

उन्होंने कहा कि परीक्षा की अगली तिथि की जानकारी जल्दी ही दी जाएगी.

गोरखपुर के कई इलाकों में फैली हिंसा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृहनगर गोरखपुर के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार को हिंसक प्रदर्शन हुए. घंटाघर, शाहमारूफ, नखास चौक, खूनीपुर और इस्माइलपुर सहित कुछ इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण है.

खूनीपुर थानाक्षेत्र के अंजुमन इस्लामिया के सामने पुलिस पर पथराव हुआ, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. नखास चौक पर पुलिस ने उग्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया.

गोरखपुर के एसएसपी सुनील गुप्ता ने कहा कि धारा 144 लागू हैं और किसी को भी धरना प्रदर्शन या रैली निकालने की अनुमति नहीं दी गई है. उन्होंने लोगों से कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की.

अलीगढ़ में रेड अलर्ट जारी, इंटरनेट सेवाएं पांचवें दिन भी बंद

अलीगढ़ में पिछले कई दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन और शुक्रवार को जुमे की नमाज के मद्देनजर रेड अलर्ट जारी किया गया है. अलीगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में पांच दिन से प्रदर्शन चल रहा है.

जिले में इंटरनेट पर लगी रोक शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी है. इससे कारोबार और बैंकिंग सेवाएं में खासी प्रभावित हुई हैं.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने जिले में रेड अलर्ट घोषित कर दिया है. जिले में एहतियात के तौर पर 10 कंपनी पीएसी, चार कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स और 83 मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए गए हैं.

अधिकांश प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व महिलाओं ने किया. मुस्लिम बहुल इलाकों में आज मस्जिदों से घोषणा कर अपील की गयी कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें.

एसएसपी अलीगढ़ आकाश कुलहरि ने बताया कि जुमे की नमाज शांति से निपट गई. सुबह शहर मुफ्ती खालिद हामिद ने शांति की अपील की थी.

लखनऊ में इंटरनेट सेवाएं बंद, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात

गुरुवार को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विभिन्न इलाकों में हुई हिंसा के बाद लखनऊ सहित कई जिलों में मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस की सेवाएं बंद रहीं.

नए नागरिकता कानून के खिलाफ राजधानी लखनऊ में गुरुवार को हिंसा भड़क उठी थी जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई तथा कई अन्य लोग घायल हो गए थे. उपद्रवियों ने कुछ इलाकों में पथराव और आगजनी भी की थी.

हिंसा की घटना के बाद शुक्रवार को लखनऊ के चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. संवेदनशील इलाकों विशेषकर पुराने लखनऊ के इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है.

इंटरनेट और एसएमएस सेवाएं कल रात नौ बजे से ही बंद कर दी गई थीं. ये सेवाएं शनिवार दोपहर बारह बजे तक बंद रहेंगी.

राज्य के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि गुरुवार को हुई हिंसा में बाहरी तत्वों का हाथ था और हिंसा में लिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. सिंह ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि हिंसा में बाहरी तत्वों का हाथ रहा है. कुछ तथ्य मिले हैं. हमने कॉल डिटेल निकलवाए हैं और मोबाइल फोन सीज किए हैं.’

उन्होंने कहा कि संभल के सांसद, सपा जिलाध्यक्ष पर मामला दर्ज किया गया है. घटना में उनकी परोक्ष भूमिका रही है. वहां से 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. लखनऊ में रात को 70 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

इस सवाल पर कि कल की हिंसा के संबंध में किस तरह की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. सिंह ने कहा, ‘सार्वजनिक संपत्ति कानून समेत अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी.’

जब पूछा गया कि क्या आज पुलिसकर्मियों ने लोगों के घरों में घुसकर तोड़फोड़ की है, तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है. उन्होंने कहा, ‘उपद्रवियों ने पुलिस पर हमला किया और हमारे कई अफसर और जवान घायल हुए हैं.’

संभल के चंदौसी में पथराव

संभल जिले के चंदौसी क्षेत्र में शुक्रवार को भारी पथराव की खबर है. संभल में बीते गुरुवार को रोडवेज की दो बसें क्षतिग्रस्त कर दी गई थीं. संभल में बीते गुरुवार को निषेधाज्ञा लागू होने के बाद जनसभा करने के मामले में समाजवादी पार्टी के स्थानीय सांसद शफीकुर्ररहमान बर्क तथा अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि बृहस्पति को निषेधाज्ञा का उल्ल्ंघन कर जनसभा करने के मामले में सांसद बर्क, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष तथा सैकड़ों अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है.

संशोधित नागरिकता कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने यहां गुरुवार को दो सरकारी बसों में तोड़ फोड़ की थी तथा एक पुलिस स्टेशन को भी नुकसान पहुंचाया था.

एसपी ने बताया कि पथराव और बवाल करने वाले 25 लोगों को हिरासत में लिया गया है जबकि अन्य की पहचान वीडियो फुटेज की मदद से की जा रही है. जो लोग इन घटनाओं में शामिल होंगे उनके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने बताया कि शहर के विभिन्न स्थानों पर पीएसी और सुरक्षा बल तैनात किए गए है और अब स्थिति नियंत्रण में है.

भदोही में पुलिस से टकराव

भदोही में प्रदर्शनकारियों ने काजीपुर इलाके से जुलूस निकाला. मशाल टाकीज के पास उनका पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से टकराव हुआ. हालात काबू करने के लिए आंसूगैस के गोले दागे गये और हल्का बलप्रयोग किया गया.

एसपी भदोही राम बदन सिंह ने बताया कि भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और सड़क किनारे खड़ी कई बाइकों को क्षतिग्रस्त कर दिया.

फिरोजाबाद में आगज़नी

फिरोजाबाद दक्षिण थानाक्षेत्र में प्रदर्शनकारियों ने लगभग आधा दर्जन वाहनों को आग लगा दी. प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है.

फिरोजाबाद के एसएसपी सचिंदर पटेल और जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद हैं.

बुलंदशहर जिले में इंटरनेट सेवाओं पर रोक

अधिकारियों ने बताया कि बुलंदशहर में शुक्रवार तीन बजे से अगले आदेश तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं. जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है.

यहां शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के दौरान लोगों ने वाहनों में आग लगा दी.

आदेश में कहा गया, ‘कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को बरकरार रखने के लिए पूरे बुलंदशहर में सभी मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को 20 दिसंबर को अपराह्न तीन बजे से बंद कर दिया गया है. इंटरनेट संबंधित लूप लाइन और लीज लाइन सेवाओं को भी बंद कर दिया गया है.’

नोएडा में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में चल रहे प्रदर्शन के मद्देनजर शुक्रवार को नोएडा शहर में पुलिस के आला अधिकारियों ने पैदल मार्च किया.

नगर पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में देशभर में चल रहे प्रदर्शन का असर जनपद गौतम बुद्ध नगर में न हो इसके लिए जिला प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों ने एक साथ संयुक्त रूप से पैदल मार्च निकाला.

नोएडा के सेक्टर आठ स्थित जामा मस्जिद तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समझाया गया कि वे आपसी सौहार्द को बनाए रखें तथा किसी अफवाह पर ध्यान न दें.

इलाहाबाद में कई जगह प्रदर्शन

संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ बड़ी संख्या में लोगों ने इलाहाबाद में जुमे की नमाज के बाद थाना कोतवाली के सामने विरोध प्रदर्शन किया.

इलाके में भारी तादाद में पुलिस बल और त्वरित कार्यबल के जवान तैनात थे और पुलिस की मुस्तैदी के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. पुलिस अधीक्षक (नगर) बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि नमाज के बाद लोग यहां विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

एडीम सिटी और पीडीए उपाध्यक्ष ने जाकर लोगों को समझाया और जामा मस्जिद के काजी के आह्वान पर लोग अपने घरों को लौट गए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)