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नागरिकता क़ानून: जबलपुर में कर्फ्यू, एमपी के बाकी ज़िलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन

मध्य प्रदेश के 52 ज़िलों में से 44 में धारा 144 लागू. इन ज़िलों में 18 फरवरी तक निषेधाज्ञा आदेश लागू है और धरना, रैली एवं सभाएं करने की मनाही है.

Jabalpur: Protestors take part in a rally against the Citizenship (Amendment) Act, in Jabalpur, Friday, Dec. 20, 2019. (PTI Photo)(PTI12_20_2019_000226B)

नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में हिंसक प्रदर्शन हुए. (फोटो: पीटीआई)

भोपाल: संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के कारण जबलपुर प्रशासन द्वारा शुक्रवार को शहर के कुछ इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. प्रदेश के बाकी सभी जिलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ.

सीएए एवं एनआरसी पर देश भर में हो रहे प्रदर्शनों के मद्देनजर कांग्रेस नीत मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 52 जिलों में से 44 जिलों में निषेधाज्ञा लागू की है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसका उल्लंघन करते हुए प्रदर्शन किया. इन जिलों में 18 फरवरी तक निषेधाज्ञा आदेश लागू है और धरना, रैली एवं सभाएं मना है.

मध्य प्रदेश पुलिस इंटेलीजेंस सेल के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश की राजधानी भोपाल में इंटरनेट सेवा शुक्रवार को दोपहर एक बजे से शाम सात बजे तक छह घंटे के लिए अस्थायी तौर पर बंद कर दी गई.

उन्होंने कहा कि हालांकि शहर में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा चालू रही. सीएए और एनआरसी के खिलाफ भोपाल में मुस्लिम बहुल इलाके में एक मस्जिद के पास शुक्रवार को नमाज अदा करने के बाद प्रदर्शन हुआ था.

अधिकारी ने बताया कि यहां मिली जानकारी के अनुसार जबलपुर को छोड़कर तकरीबन समूचे प्रदेश में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुए.

नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के कारण जबलपुर प्रशासन द्वारा शुक्रवार को शहर के कुछ इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, जबलपुर के रद्दी चौक क्षेत्र में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे लोगों ने पथराव कर दिया, जिससे कई पुलिस कर्मी जख्मी हो गए.

रिपोर्ट के अनुसार, गोहलपुर थाना के रद्दी चौकी के पास सीएए के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस ने रोका तो वह उग्र हो गए और पथराव शुरू कर दिया. पथराव से पुलिस के जवानों को सिर में चोटें आईं और कई अन्य जख्मी हो गए.

जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठियां भी भांजी. शहर के चार थाना क्षेत्रों में एहतियात के तौर पर कर्फ्यू लगा दिया गया है.

जिला कलेक्टर भरत यादव ने बताया कि शहर के गोहलपुर, हनुमानताल पुलिस थाना के पूरे इलाके तथा कोतवाली और आधारताल पुलिस थाने के कुछ इलाकों में हिंसा होने के बाद कर्फ्यू लगाया गया है.

उन्होंने बताया कि 21 दिसंबर 2019 को शनिवार को एहतियात के तौर पर जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों  को बंद करने के आदेश दिए गए हैं.

उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में विरोध प्रदर्शन किया गया था, वहां स्थिति अब नियंत्रण में है.

मध्य प्रदेश पुलिस स्टेट सिच्युएशन रूम के इंस्पेक्टर हर्मन लाकड़ा ने बताया कि राज्य सरकार ने एहतियाती तौर पर प्रदेश के 44 जिलों में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है.

उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार तक 43 जिलों में निषेधाज्ञा लगी थी और शुक्रवार को अब होशंगाबाद जिले में इसे लगा दिया गया है. लाकड़ा ने बताया कि प्रदेश के आठ जिलों में धारा 144 नहीं लगाई गई है. इनमें गुना, शिवपुरी, अलीराजपुर, बैतूल, धार, डिंडोरी, टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिले शामिल हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)