भारत

जम्मू कश्मीर: हाईकोर्ट ने पीएसए के तहत हिरासत में लिए जाने के तीन आदेश रद्द किए

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने अगले साल के लिए घोषित सरकारी अवकाश की सूची में पूर्व मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला की जयंती और शहीद दिवस को हटा दिया है, लेकिन 26 अक्टूबर जिसे ‘विलय दिवस’ के तौर पर मनाया जाता है, उसे इस सूची में जगह दी गई है.

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट. (फोटो साभार: फेसबुक)

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट. (फोटो साभार: फेसबुक)

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने शुक्रवार को विवादास्पद जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत पीडीपी के एक युवा नेता समेत तीन व्यक्तियों को हिरासत में लिए जाने के आदेश को खारिज कर दिया.

जस्टिस संजीव कुमार ने सरकार और हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की ओर से पेश वकीलों की दलीलें सुनने के बाद तीनों आदेश रद्द कर दिए.

अदालत से राहत पाए व्यक्तियों में बारामुला जिले के पट्टन क्षेत्र के पीडीपी के युवा अध्यक्ष जावेद अहमद परे शामिल हैं. अन्य दो व्यक्ति सोपोर के निवासी इम्तियाज हुसैन मीर और इरशाद अहमद हैं.

दोनों को आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के सक्रिय सदस्य के तौर पर काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

‘विलय दिवस’ के दिन अब होगी छुट्टी, खत्म हुआ शेख अब्दुल्ला जयंती पर अवकाश

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने अगले साल के लिए घोषित सरकारी अवकाश की सूची में पूर्व मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला की जयंती और शहीद दिवस को हटा दिया है, लेकिन 26 अक्टूबर जिसे ‘विलय दिवस’ के तौर पर मनाया जाता है, उसे इस सूची में जगह दी गई है.

सामान्य प्रशासन विभाग के उपसचिव जीएल शर्मा की ओर से शुक्रवार देर रात जारी सूची के मुताबिक 2020 में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में 27 सरकारी छुट्टियां मनाई जाएंगी जो 2019 की तुलना में एक कम हैं. इस साल 28 सरकारी छुट्टियां घोषित की गईं थी.

एक आदेश में बताया गया कि दो सरकारी छुट्टियों – 13 जुलाई को मनाया जाने वाला शहीद दिवस और पांच दिसंबर को मनाई जाने वाली शेख अब्दुल्ला की जयंती को 2020 के लिए जारी छुट्टियों की सूची में से बाहर कर दिया गया है.

हालांकि, इन छुट्टियों की सूची में 26 अक्टूबर को मनाए जाने वाले ‘विलय दिवस’ को अगले साल की छुट्टी के तौर पर शामिल किया गया है.

इनके अलावा 46 और छुट्टियां हैं, जिनमें कश्मीर क्षेत्र की चार, जम्मू की तीन प्रांतीय छुट्टियां, आठ स्थानीय छुट्टियां और चार ऐच्छिक अवकाश हैं. 2019 में ऐसी 47 छुट्टियां थीं.

तत्कालीन महाराजा हरि सिंह ने 26 अक्टूबर, 1947 को विलय की संधि (इंस्ट्रूमेंट ऑफ एसेसन) पर हस्ताक्षर किए थे, जिस पर एक दिन बाद भारत के तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड माउंटबेटन ने हस्ताक्षर किए थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)