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बिजनौर के सुलेमान की मौत के मामले में एसएचओ सहित छह पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज

बिजनौर हिंसा मामले में मारे गए मोहम्मद सुलेमान के भाई शोएब द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में नहटौर पुलिस थाने के तत्कालीन एसएचओ राजेश सिंह सोलंकी के अलावा स्थानीय आउटपोस्ट प्रभारी आशीष तोमर, कॉन्स्टेबल मोहित कुमार और तीन अन्य अज्ञात पुलिसकर्मियों के नाम हैं.

Sulaiman Father Citizenship Bijnor ADG

बिजनौर हिंसा में मारे गए मोहम्मद सुलेमान के पिता (फोटोः द वायर)

नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान 20 साल के मोहम्मद सुलेमान की मौत के मामले में छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इन छह पुलिसकर्मियों में नहटौर पुलिस थाने के तत्कालीन स्टेशन हाउस अधिकारी (एसएचओ) राजेश सिंह सोलंकी भी हैं.

सोलंकी के स्थान पर नियुक्त एसएचओ सत्यप्रकाश सिंह का कहना है कि सुलेमान के भाई शोएब द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में सोलंकी के अलावा स्थानीय आउटपोस्ट प्रभारी आशीश तोमर, कॉन्स्टेबल मोहित कुमार और तीन अन्य अज्ञात पुलिसकर्मियों के नाम हैं.

सिंह ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302, 147, 148 और 149 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.

सिंह ने कहा कि सोलंकी का तबादला डिस्ट्रिक्ट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (डीसीआरबी) में कर दिया गया है.

बिजनौर के एडिशनल एसपी (ग्रामीण) विश्वजीत श्रीवास्तव ने कहा कि सोलंकी का नहटौर पुलिस थाने से इसलिए तबादला किया गया क्योंकि वह घायल थे और काम नहीं कर सकते थे.

बिजनौर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) संजीव त्यागी ने पुष्टि की थी कि 20 साल के सुलेमान की मौत कॉन्सटेबल मोहित कुमार द्वारा आत्मरक्षा में चलाई गई गोली से हुई थी.

त्यागी ने कहा, ‘सुलेमान के शरीर से एक कारतूस मिला था. बैलिस्टिक रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि होती है कि यह गोली कॉन्सटेबल मोहित कुमार की पिस्तौल से चलाई गई थी. मोहित कुमार के पेट से जो गोली मिली है, उसे किसी देसी कट्टे से चलाया गया था.’

उन्होंने कहा था कि सुलेमान के पास से कोई  हथियार नहीं मिला था.

सुलेमान ग्रेजुएशन अंतिम वर्ष के छात्र थे और नोएडा में अपने मामा अनवर उस्मान के यहां रहकर यूपीएससी की तैयारी करते थे. बुखार होने के कारण वे अपने घर नहटौर आए हुए थे.

मोहित कुमार बिजनौर पुलिस की स्पेशन ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) से जुड़े हुए हैं. बीते शुक्रवार को सुरक्षा कारणों से उन्हें नहटौर इलाके में तैनात किया गया था.

फिलहाल बिजनौर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि उनकी हालत गंभीर थी.

बीते 20 दिंसबर को हुई हिंसा में कम से कम 26 लोग घायल हुए हैं जिसमें 20 पुलिसवाले हैं. जहां सुलेमान और 21 वर्षीय एक अन्य व्यक्ति अनस की मौत हो गई.

वहीं मोहित कुमार के साथ तीन अन्य पुलिसवाले गोलियों से घायल हो गए, जिसमें नहटौर पुलिस स्टेशन के एसएचओ राजेश सिंह सोलंकी भी शामिल थे.

20 दिसंबर की इस घटना के मामले में नहटौर पुलिस स्टेशन ने 35 नामजद के साथ कई अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की है.