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नागरिकता कानून प्रदर्शनों में रेल संपत्ति को क्षति पहुंचाने वालों से वसूली की जाएगी: रेलवे

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव का यह बयान उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन प्रदर्शन के दौरान हिंसा पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से ‘बदला’ लेने की बात कही थी.

पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में नागरिकता संशोधन विधेयक के दौरान एक स्टेशन की तस्वीर. (फोटो: पीटीआई)

पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में नागरिकता संशोधन विधेयक के दौरान एक स्टेशन की तस्वीर. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने सोमवार को कहा कि संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान देश भर में रेलवे की 80 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा और इसकी भरपाई आगजनी एवं हिंसा में संलिप्त पाए गए लोगों से की जाएगी.

यादव ने कहा, ‘संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान रेलवे की 80 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ. इसकी क्षतिपूर्ति उन लोगों से की जाएगी जो आगजनी एवं हिंसा में संलिप्त पाए गए हैं.’

द हिंदू के अनुसार, यादव ने कहा है कि आगजनी और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर नुकसान की भरपाई की जाएगी. हालांकि, कानून-व्यवस्था को राज्य का विषय बताते हुए उन्होंने इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहा. प्रदर्शन के दौरान पैनल्स, सिग्नलिंग यूनिट्स और टिकट काउंटर्स जैसी रेल संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया.

बता दें कि, सीएए और प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी एनआरसी के खिलाफ देश भर में हिंसक प्रदर्शन हुए, जिस पर पुलिस ने हिंसा रोकने के लिए सख्त कदम उठाए.

यादव का यह बयान उत्तर प्रदेश में 19 दिसंबर की हिंसा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से ‘बदला’ लेने की बात कही थी.

वहीं, प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए पुलिस द्वारा जुर्माना वसूलने के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में मुस्लिम समुदाय छह लाख रुपये का चेक प्रशासन को सौंप चुका है.

हालांकि, कई ऐसे वीडियोज भी सामने आए हैं, जिसमें पुलिसवाले लोगों के घरों में घुसकर लोगों की पिटाई कर रहे हैं और सड़कों पर खड़ी उनकी गाड़ियों को तोड़-फोड़ रहे हैं.

बता दें कि, नागरिकता संशोधन कानून को लेकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में हुई हिंसा के संबंध में विभिन्न शहरों की पुलिस और जिला प्रशासन ने लोगों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है. इसके अलावा कुछ शहरों की पुलिस ने हिंसा में शामिल लोगों की फोटो जारी कर उनकी जानकारी देने वालों के लिए इनाम की घोषणा भी की है.

सरकार के अनुसार, सबसे अधिक 200 नोटिस मुरादाबाद में दिए गए. लखनऊ में 100, बिजनौर में 43, गोरखपुर में 33 और फिरोजाबाद में 29 लोगों को नोटिस दिए गए हैं. बिजनौर में जिला प्रशासन ने 43 लोगों को वसूली नोटिस भेजा है. गोरखपुर में 33 लोगों को पुलिस ने नोटिस भेजा है. ये नोटिस इन लोगों के घरों पर चिपकाए गए हैं. संभल में 26 लोगों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)