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अमेरिकी हमले में ईरान के शीर्ष कमांडर की मौत, ईरान ने कहा- बदला लेंगे

इराक़ की राजधानी बग़दाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार को हुए अमेरिकी हवाई हमले में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर जनरल क़ासिम सुलेमानी और इराक के शक्तिशाली हशद अल-शाबी अर्द्धसैनिक बल के उप-प्रमुख अबु महदी अल मुहंदिस मारे गए. इराक ने इस हमले की निंदा की है.

डोनाल्ड ट्रंप और कासिम सुलेमानी. (फोटो: रॉयटर्स/एपी/पीटीआई)

डोनाल्ड ट्रंप और कासिम सुलेमानी. (फोटो: रॉयटर्स/एपी/पीटीआई)

वॉशिंगटन/तेहरान/बगदाद/नज़फ़: अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश से ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के शक्तिशाली कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी को अमेरिकी हवाई हमले में मार दिया गया है.

अमेरिका के इस कदम से दोनों देशों के साथ ही खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है. इस हमले की इराक ने जहां निंदा की है वही ईरान में इसका बदला लेने की बात कही है.

जनरल सुलेमानी ईरान के अल-कुद्स फोर्स के प्रमुख थे और उन्हें देश के क्षेत्रीय सुरक्षा हथियारों का रचयिता कहा जाता था.

उन्हें शुक्रवार को बगदाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिकी हवाई हमले में मारा गया. हमले में इराक के शक्तिशाली हशद अल-शाबी अर्द्धसैनिक बल का उप-प्रमुख अबु महदी अल मुहंदिस भी मारा गया.

बगदाद हवाई अड्डे पर एक रॉकेट हमले में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है. इराकी सुरक्षा सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. इराकी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘‘बगदाद में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर तीन रॉकेट दागे गए.’ बयान में बताया गया कि दो कारों में विस्फोट हुआ.

पेंटागन ने इराक में सुलेमानी (62) की मौत की पुष्टि की है और कहा कि यह हमला ट्रंप के निर्देश पर किया गया था.

पेंटागन ने कहा, ‘विदेश में अमेरिकी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट रक्षात्मक कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर-कुद्स फोर्स के प्रमुख कासिम सुलेमानी को मार गिराया. इस संगठन को अमेरिका ने प्रतिबंधित विदेशी आतंकवादी संगठन की सूची में डाल रखा है.’

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘जनरल सुलेमानी सक्रिय रूप से इराक में अमेरिकी राजनयिकों और सैन्यकर्मियों पर हमले की सक्रिय रूप से योजना बना रहा था. जनरल सुलेमानी और उसका ईरानी कुद्स फोर्स सैकड़ों अमेरिकियों और अन्य गठबंधन सहयोगियों के सदस्यों की मौत और हजारों को जख्मी करने के लिए जिम्मेदार हैं.’

बयान के अनुसार, ‘जनरल सुलेमानी ने बीते दिनों बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हुए हमलों की भी अनुमति दी. अमेरिका दुनिया भर में अपने लोगों और हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाना जारी रखेगा.’

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने सरकारी टेलीविजन पर एक बयान में कुद्स यूनिट के कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत की पुष्टि की है. बयान में घोषणा की गई कि सुलेमानी आज (शुक्रवार) सुबह बगदाद हवाई अड्डे पर अमेरिका के एक हमले में शहीद हो गए.

हाशेद ने भी सुलेमानी और अपने उप प्रमुख अबु महदी अल मुहंदिस के मारे जाने की पुष्टि की और कहा कि यह ‘अमेरिकी हमला था जिसमें बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रोड पर उनकी कार को निशाना बनाया गया.’

सुलेमानी की मौत के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी झंडे की तस्वीर ट्वीट करने के अलावा तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की. ट्रंप फिलहाल फ्लोरिडा में छुट्टी मना रहे हैं.

इस हमले से कुछ दिन पहले कट्टर हशद गुट पर अमेरिका के भीषण हवाई हमले के बाद ईरान में सरकार समर्थित बल के इराकी समर्थकों ने बगदाद में अमेरिकी दूतावास की घेराबंदी की थी, जिसके बाद ट्रंप ने ईरान को नतीजे भुगतने की धमकी दी थी.

पेंटागन ने आरोप लगाया कि इस हमले का मकसद भविष्य में ईरान की हमले की मंशा को रोकना था.

ट्रंप के इस फैसले का उनकी पूर्व कैबिनेट सहयोगी एवं संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका दूत भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक निक्की हेली ने समर्थन किया है.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘कासिम सुलेमानी एक कट्टर आतंकवादी था, जिसके हाथ अमेरिकी नागरिकों के खून से रंगे हैं. उसकी मौत पर उन सभी को सराहना करनी चाहिए जो शांति और न्याय चाहते हैं. ऐसा मजबूत और सही कदम उठाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप पर गर्व है.’

हेली के अलावा केविन मैकार्थी और लिंडसे ग्राहम समेत कई रिपब्लिकन सांसदों ने इस फैसले के लिए ट्रंप का समर्थन किया.

इस बीच, अमेरिका के विदेश मामलों की प्रतिनिधि सभा की समिति के अध्यक्ष एलियट एगनल ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी सांसदों को इस आदेश के बारे में पहले जानकारी नहीं दी गई थी.

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने एक वीडियो के साथ ट्वीट किया, ‘इराकी-इराकी- आजादी की खुशी में नाच रहे हैं, वे शुक्रगुजार हैं कि जनरल सुलेमानी मारा गया है.’ उन्होंने जो वीडियो साझा किया है उसमें सड़कों पर सैकड़ों लोग इराकी झंडे और अन्य बैनर लिए प्रतीत हो रहे हैं.

शिया सशस्त्र समूहों संबंधी मामलों पर अमेरिका के विशेषज्ञ फिलिप स्मिथ ने कहा कि सबसे घातक हमलों के संदर्भ में बात की जाए तो अमेरिका ने जो अभी किया, वह उसका अब तक का सबसे घातक हमला था और इससे 2011 में अमेरिकी अभियान में अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन और 2019 में अमेरिकी हमले में इस्लामिक स्टेट समूह के अबु बकर अल बगदादी की हत्या से भी बड़ी जटिलताएं पैदा होंगी.

ईरान के राष्ट्रपति और सर्वोच्च नेता ने बदला लेने की बात कही

सुलेमानी की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान ने कहा कि देश और क्षेत्र के स्वतंत्र राष्ट्र अमेरिका से इसका बदला लेंगे.

राष्ट्रपति हसन रूहानी ने पश्चिम एशिया में ईरान के सहयोगी देशों का हवाला देते हुए कहा, ‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि ईरान और क्षेत्र के अन्य तीन देश अपराधी अमेरिका से इस क्रूर अपराध का बदला लेंगे.’

रूहानी ने ईरान सरकार की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा, ‘इस बात में कोई शक नहीं है कि महान राष्ट्र ईरान और क्षेत्र के अन्य आजाद देश अपराधी अमेरिका के इस जघन्य अपराध का बदला लेंगे.’

उन्होंने कहा, ‘उनकी मौत ने ईरान और अन्य स्वतंत्र देशों की अमेरिका की दादागिरी खिलाफ खड़ा होने और इस्लामी मूल्यों की रक्षा के दृढ़संकल्प को दोगुना कर दिया है.’

राष्ट्रपति के अलावा ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने जनरल कासिम सुलेमानी की अमेरिकी हमले में शुक्रवार को की गई हत्या का प्रतिशोध लेने का संकल्प लिया.

Baghdad: This photo released by the Iraqi Prime Minister Press Office shows a burning vehicle at the Baghdad International Airport following an airstrike in Baghdad, Iraq, early Friday, Jan. 3, 2020. The Pentagon said Thursday that the U.S. military has killed Gen. Qassem Soleimani, the head of Iran's elite Quds Force, at the direction of President Donald Trump. AP/PTI(AP1_3_2020_000018B)

इराक में बगदाद हवाई अड्डे पर अमेरिका के हवाई हमले के बाद जलता वाहन. इस तस्वीर को इराक के प्रधानमंत्री के मीडिया ऑफिस की ओर से जारी किया गया. (फोटो: एपी/ पीटीआई)

ईरान के सर्वोच्च नेता ने देशभर में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की.

खामेनेई ने ट्वीट किया, ‘इन सभी वर्षों में उनके निरंतर प्रयासों का पुरस्कार शहादत थी. अल्लाह की मर्जी से उनके जाने के बाद भी उनका काम और उनकी राह नहीं रुकेगी. उन गुनाहगारों से भयंकर बदला लिया जाएगा, जिन्होंने अपने हाथ उनके और अन्य शहीदों के खून से कल रात रंगे.’

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के पूर्व प्रमुख ने कहा कि गार्ड्स के कुद्स फोर्स के कमांडर कासिम सुलेमानी की बगदाद में हत्या का बदला लिया जाएगा.

इक्स्पीडीएन्सी काउंसिल के प्रमुख और गार्ड्स के पूर्व प्रमुख मोहसिन रेजाई ने ट्वीट किया, ‘सुलेमानी अपने शहीद भाइयों में शामिल हो गए हैं लेकिन हम अमेरिका से बदला लेंगे.’

ईरान की अर्द्ध सरकारी संवाद समिति आईएसएनए के प्रवक्ता केयवान खोसरावी ने कहा कि बगदाद में जनरल सुलेमानी के वाहन पर उनकी हत्या के लिए किए गए हमले की समीक्षा के लिए ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक होगी.

ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने सुलेमानी की हत्या की निंदा करते हुए कहा है कि इससे स्थिति खतरनाक रूप से तनावपूर्ण हो गई है और उन्होंने अमेरिका को चेतावनी दी कि उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे.

ईरान के शीर्ष अधिकारी मोहसिन रेजाई ने अमेरिका से इसी प्रकार का भयंकर बदला लेने का संकल्प लिया और तेहरान की शीर्ष सुरक्षा परिषद ने कहा कि वह इस मामले की समीक्षा के लिए तत्काल बैठक बुलाएगी.

इस बीच, ईरान ने अमेरिकी हितों का प्रतिनिधित्व करने वाले तेहरान स्थित स्विट्जरलैंड के दूतावास के एक अधिकारी को तलब किया.

इराक के हशद कमांडर ने सभी लड़ाकों को तैयार रहने को कहा

इराक के प्रधानमंत्री अदेल अब्दुल महदी ने एक बयान जारी कर अमेरिकी हमले की निंदा की है. उनकी ओर से कहा गया है कि ईराकी अर्द्धसैनिक बल के उप प्रमुख की हत्या इराक के खिलाफ आक्रामकता की कार्रवाई है और उन शर्तों का उल्लंघन है, जिसके तहत अमेरिका इराक में काम करता है.

अमेरिकी हमले के बाद इराक के हशद अल शाबी संगठन ने अपने लड़ाकों को शुक्रवार को सतर्क रहने के लिए कहा है. अमेरिकी हमले में संगठन के उप प्रमुख अबु महदी अल मुहंदिस और शीर्ष ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी मारे गए थे.

असैब अहल अल-हक के प्रमुख कैस अल-खजाली ने लिखित बयान में कहा, ‘आगामी जंग को देखेते हुए सभी लड़ाकों को निश्चित रूप से तैयार रहना चाहिए और एक बड़ी जीत हमारा इंतजार कर रही है.’

बगदाद में अमेरिकी दूतावास का अपने नागरिकों से तुरंत इराक छोड़ने का अनुरोध

अमेरिकी हमले में शीर्ष ईरानी एवं इराकी कमांडरों की मौत के बाद हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए बगदाद में अमेरिकी दूतावास ने इराक में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से शुक्रवार को जल्द से जल्द देश छोड़ने के लिए कहा है.

दूतावास ने एक बयान में कहा, ‘संभव हो तो अमेरिकी नागरिक विमान के जरिये देश छोड़कर चले जाएं, नहीं तो वे भूमार्ग से अन्य देशों से होते हुए भी जा सकते हैं.’

शुक्रवार तड़के बगदाद हवाईअड्डे के बाहर अमेरिका ने हमला किया और सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि हमले की आशंका अब भी बनी हुई है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)