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ऑस्ट्रेलिया: आग से राहत नहीं, 60 लाख हेक्टेयर ज़मीन में फैली आग, अब तक 24 लोगों की मौत

आग के चलते ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया और नई साउथ वेल्स प्रांत बुरी तरह से प्रभावित हैं. प्रशासन ने देश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों के लिए नई चेतावनी जारी की है और जगह खाली करने के आदेश दिए हैं, क्योंकि गर्म हवाओं की वजह से आग फिर से भड़क सकती है.

A firefighter near Colo Heights, Australia, northwest of Sydney, on Tuesday.Credit...Reuters

ऑस्ट्रेलिया की राजधानी सिडनी के उत्तर पश्चिम स्थित कोलो हाइट्स के जंगलों में लगी आग. (फोटो: रॉयटर्स)

मेलबर्न: ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि आग 60 लाख हेक्टेयर तक में फैली है और सैकड़ों घर जल गए.

प्रशासन ने बृहस्पतिवार को देश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों के लिए नई चेतावनी जारी की है और जगह खाली करने के आदेश दिए हैं क्योंकि गर्म हवाओं की वजह से आग फिर से लग सकती है.

अधिकारियों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया के इतिहास इस साल की सबसे भीषण आग में 60 लाख हेक्टेयर जमीन जल चुकी है. इसके चलते अब तक 24 लोगों की मौत हुई और न्यू साउथ वेल्स के दक्षिणी, विक्टोरिया प्रांत के पूर्वी और उत्तरी और ऑस्ट्रेलिया की राजधानी क्षेत्र में सैकड़ों घर तबाह हो चुके हैं.

इतना ही नहीं बढ़ती और भीषण आग से जानवरों की कुछ प्रजातियां लुप्तप्राय स्थिति में आ गई हैं. कंगारू, कोआलास और दूसरे जानवरों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है.

इस सीजन में तीसरी बार आपातकाल की घोषणा की गई है. ऑस्ट्रेलिया में इस साल का यह सबसे गर्म और सूखा सीजन है, यहां बीते महीने पारा लगभग 50 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.

इस आग के चलते ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया और नई साउथ वेल्स प्रांत बुरी तरह से प्रभावित हैं. आग की वजह से सिडनी में वायु गुणवत्ता का स्तर भी खतरनाक से 11 गुना ज्यादा है.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने विशेषज्ञों के अनुसार बताया है कि इस आग के चलते तकरीबन एक अरब जानवरों की मौत हो चुकी है.

विक्टोरिया प्रांत के आपदा प्रबंधन आयुक्त एंड्रियू क्रिस्प ने कहा कि विक्टोरिया प्रांत में 23 जगह अब भी आग लगी हुई है.

विक्टोरिया प्रांत के प्रिमियर डेनियल एंड्रियू ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘अगले 48 घंटों के दौरान आग से राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है, इसका मतलब है कि हम राज्य में आपदा की स्थिति को जाजी रखें.’

डेनियल ने कहा कि राज्य के आग प्रभावित क्षेत्र में रह रहे लोगों में ऐसे संदेश सर्कुलेट हो रहे हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि वे लोग आग प्रभावित क्षेत्रों में हैं और अगर वे ये क्षेत्र छोड़ सकते हैं तो उन्हें छोड़ देना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘हम लोगों की सुरक्षा की गारंटी देने में सक्षम नहीं होंगे.’

ऐसी संभावना जताई गई है कि हवा में बदलाव की वजह से शुक्रवार को राज्य में आग और भड़क सकती है.

एंड्रियू क्रिस्प ने कहा कि राज्य में 244 घर तबाह या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और 400 अन्य भवनों पर आग से प्रभावित हैं. उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि ये आंकड़े अभी बढ़ेंगे.

इस बीच न्यू साउथ वेल्स राज्य के प्रिमियर ग्लाडेस बेरेजिकलियान ने आग पर काबू पाने, पुनर्निर्माण और पुनर्वास के लिए एक अरब ऑस्ट्रेलियन डॉलर की घोषणा की.

ऑस्ट्रेलिया में पड़ रही गर्मी के इस मौसम में लगी आग के चलते न्यू साउथ वेल्स को काफी नुक्सान पहुंचा था. राज्य में अब तक तकरीबन साल 2000 घर तबाह हो चुके हैं और अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है.

प्रिमियर ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए 231 मिलियन डॉलर की राशि की घोषणा पहले ही हो चुकी है.

एक ट्वीट में न्यू साउथ वेल्स ग्रामीण दमकल सेवा ने कहा, ‘दमकल विभाग के 2500 से ज्यादा कर्मचारी आग प्रभावित क्षेत्रों में शुक्रवार को खराब स्थितियों के लिए तैयार हैं.’

दक्षिण ऑस्ट्रलिया के कंगारू आइलैंड में फ्लाइंडर्स चेज़ नेशनल पार्क समेत एक लाख 60 हजार हेक्टेयर जमीन आग से तबाह हो चुकी है.

कंट्री फायर सर्विस (सीएफएस) के अनुसार, ‘कंगारू आइलैंड पर अभी जान और माल के नुकसान का खतरा अभी नहीं है, लेकिन तेज हवा और गर्म मौसम और बढ़ती आग की वजह से स्थितियां बदल सकती हैं.’

सरकार की आरे जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से लगी आग के चलते न्यू साउथ वेल्स में अब तक 1500 से ज्यादा घर तबाह हो चुके हैं.

इस राज्य दमकम विभाग के तीन हजार से ज़्यादा कर्मचारी और 31 विशेषज्ञ दल राहत और बचाव कार्य में लगे हैं.

इस आपदा के चलते आलोचनाओं का सामना कर रहे ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्टॉक मॉरिसन ने बीते छह जनवरी को आजीविका के पुनर्निर्माण के लिए एक नई एजेंसी को दो साल में दो अरब डॉलर की राशि जारी की घोषणा की.

ऑस्ट्रेलिया में अब तक आग के चलते आई आपदा को ‘ब्लैक सैटरडे’ के नाम से जाना जाता है. फरवरी 2009 में देश के दक्षिण पूर्वी राज्य विक्टोरिया में जंगल में लगी आग की वजह से 180 लोगों की मौत हुई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)