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डीएसपी दविंदर सिंह की गिरफ़्तारी के बाद सीआईएसएफ को मिली जम्मू कश्मीर के हवाईअड्डों की सुरक्षा

जम्मू कश्मीर के हवाईअड्डों की सुरक्षा का ज़िम्मा अब तक सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के पास था. एक हालिया आदेश में जम्मू कश्मीर के गृह विभाग ने यह ज़िम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को सौंपी है.

Passengers are seen at the ticket counters outside the airport after flights were cancelled following temporarily suspension of flights, in Jammu February 27, 2019. REUTERS/Mukesh Gupta

जम्मू एयरपोर्ट. (फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के डीएसपी दविंदर सिंह के आतंकवादियों के साथ गिरफ्तार होने के बाद  जम्मू कश्मीर सरकार ने जम्मू और श्रीनगर हवाईअड्डों की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के हवाले करने का आदेश दिया है.

जम्मू कश्मीर के गृह विभाग की ओर से पुलिस महानिदेशक को भेजे गए आदेश में कहा गया है कि दोनों संवेदनशील हवाईअड्डों की सुरक्षा 31 जनवरी तक सीआईएसएफ को सौंप दी जाए. यह आदेश बुधवार को जारी किया गया.

ज्ञात हो कि बीते 11 जनवरी को जम्मू कश्मीर पुलिस के डीएसपी दविंदर सिंह को कुलगाम जिले में एक गाड़ी से हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकवादियों- नवीद बाबा और अल्ताफ तथा आतंकी संगठनों के लिए काम करने वाले एक वकील के साथ गिरफ्तार किया गया था.

सिंह जम्मू कश्मीर पुलिस की एंटी-हाईजैकिंग यूनिट के साथ काम कर रहे थे और श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर तैनात थे. सिंह पर आतंकवादियों को देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने में मदद करने का आरोप है.

अब तक जम्मू और श्रीनगर हवाईअड्डों की सुरक्षा का दायित्व सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस के पास था.

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार श्रीनगर एयरपोर्ट पर बाहरी परिधि की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब सीआरपीएफ की ही होगी, जबकि सीआईएसएफ शहरी व हवाई एक्सेस कंट्रोल की सुरक्षा करेगा.

वहीं विभिन्न निगरानी उपकरणों जैसे सीसीटीवी, मेटल डिटेक्टर, बुलेट प्रूफ वाहन, बम निरोधक यंत्र आदि की पूर्ति भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण की तरफ से की जाएगी.

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार गृह मंत्रालय द्वारा जम्मू, श्रीनगर और लेह के एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ के 800 जवानों की स्वीकृति दे दी गई है. जम्मू और श्रीनगर के एयरपोर्ट को अत्यंत संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है. वहीं लेह हवाईअड्डे को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है.

इस नई तैनाती के लिए तीनों एयरपोर्ट पर एक उन्नत संयुक्त कमान और विभिन्न सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों का नियंत्रण स्थापित किया जाएगा.

बता दें कि डेढ़ लाख से अधिक जवानों वाली सीआईएसएफ को पहली बार साल 1999 में कंधार विमान हाईजैक के बाद हवाईअड्डों की सुरक्षा में लगाया गया था. वर्तमान में देशभर के सौ नागरिक हवाईअड्डों में से 61 की सुरक्षा का दायित्व सीआईएसएफ के पास है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)