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सोनिया गांधी की तरह दोषियों को माफ कर दें निर्भया की मांः इंदिरा जयसिंह

सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह की इस अपील पर निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि पूरा देश चाहता है कि दोषियों को फांसी हो. ऐसे लोगों की वजह से बलात्कार पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिलता.

इंदिरा जयसिंह. (फोटो: पीटीआई)

इंदिरा जयसिंह. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने दिल्ली सामूहिक बलात्कार पीड़िता निर्भया की मां से अपील की है कि वे 2012 में निर्भया से गैंगरेप और हत्या के दोषियों को माफ कर दें और उनके लिए मौत की सजा न मांगें.

इंदिरा जयसिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘मैं आशा देवी का दर्द पूरी तरह से समझ सकती हूं. मगर मैं उनसे अपील करती हूं कि वे सोनिया गांधी का अनुसरण करें, जिन्होंने नलिनी (पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की दोषी) को माफ करते हुए कहा था कि वे उसके लिए मौत की सजा नहीं चाहती. हम सभी आपके साथ हैं, लेकिन मौत की सजा के खिलाफ हैं.’

नलिनी 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की बम धमाके में हुई हत्या की साजिश में शामिल होने की दोषी है. उन्हें मौत की सजा दी गई थी, जिसे बाद में सोनिया गांधी ने माफ कर दिया था.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, निर्भया की मां ने इंदिरा जयसिंह के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि दुष्कर्मियों के समर्थन के कारण ही बलात्कार की घटनाएं बंद नहीं हो रही हैं.

उन्होंने कहा, ‘इस तरह का सुझाव देने वाली इंदिरा जयसिंह कौन है? पूरा देश चाहता है कि दोषियों को फांसी हो. इस तरह के लोगों की वजह से बलात्कार पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिलता. विश्वास नहीं होता कि उन्होंने इस तरह का सुझाव दिया. मैं सुप्रीम कोर्ट में उनसे कई सालों तक मिली. उन्होंने एक बार भी मेरे बारे में नहीं सोचा और आज वे दोषियों के लिए बोल रही हैं. ऐसे लोग दुष्कर्मियों का समर्थन करके आजीविका चलाते हैं, इसलिए रेप की घटनाएं बंद नहीं हो रहीं.’

इससे पहले शुक्रवार को आशा देवी ने दिल्ली कोर्ट द्वारा निर्भया के दोषियों के डेथ वॉरंट की तारीख आगे बढ़ाए जाने के मामले में नाराजगी जताते हुए कहा था कि जो लोग 2012 में महिला सुरक्षा के नारे लगाकर रैलियां कर रहे थे, वही लोग आज राजनीतिक फायदे के लिए दोषियों को सजा दिलवाने के मामले में देरी कर रहे हैं.

बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्याकांड के चारों दोषियों के लिए शुक्रवार को नया डेथ वॉरंट जारी किया. अब चारों दोषियों को एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी दी जाएगी.

साल 2012 में 16 दिसंबर की रात राजधानी दिल्ली में 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा से एक चलती बस में छह लोगों ने सामूहिक बलात्कार करने के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की थी. 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई थी.