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राजनीतिक बंदियों की रिहाई से कश्मीर में स्थिति सामान्य होगी, न कि फोटो खिंचवाने से: महबूबा

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने गुरुवार को कहा कि कश्मीर में राजनीतिक बंदियों की रिहाई, इंटरनेट बहाल करने और घाटी में लोगों का डर दूर करने से स्थिति सामान्य होगी, न कि विभिन्न मंत्रियों के फोटो खिंचवाने से.

महबूबा मुफ्ती (फोटो: रॉयटर्स)

महबूबा मुफ्ती. (फोटो: रॉयटर्स)

श्रीनगर: पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने गुरुवार को कहा कि कश्मीर में राजनीतिक बंदियों की रिहाई, इंटरनेट बहाल करने और घाटी में लोगों का डर दूर करने से स्थिति सामान्य होगी, न कि विभिन्न मंत्रियों के फोटो खिंचवाने से.

महबूबा के टि्वटर हैंडल पर एक ट्वीट में कहा गया, ‘केंद्र सरकार द्वारा लोगों तक पहुंचने के विचार का मतलब है कि फोटो खिंचवाने के लिए भाजपा का कोई मंत्री फिरन (कश्मीर का पारंपरिक परिधान) और कश्मीरी काराकुली टोपी पहने. राजनीतिक बंदियों और अन्य लोगों को रिहा करने, इंटरनेट बहाल करने और जम्मू कश्मीर के लोगों का डर दूर करने से स्थिति सामान्य होगी. किसी को यहां मूर्ख न बनाएं.’

पीडीपी नेता की बेटी इल्तिजा पांच अगस्त से तब से अपनी मां के टि्वटर हैंडल को संचालित कर रही हैं जब केंद्र द्वारा अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने के बाद महबूबा को नजरबंद कर दिया गया था.

महबूबा केंद्रीय विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद के उत्तरी कश्मीर के बारामूला दौरे को लेकर टिप्पणी कर रही थीं.

कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं अब भी लंबित हैं और महबूबा, फारूक अब्दुल्ला तथा उमर अब्दुल्ला सहित मुख्य धारा के कई नेता अब भी हिरासत में हैं.

मालूम हो कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसले में जम्मू कश्मीर प्रशासन को आदेश दिया था कि वे एक हफ्ते के भीतर सभी प्रतिबंध आदेशों पर पुनर्विचार करें. ये प्रतिबंध पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के बाद से लगाए गए थे.

इसी फैसले को ध्यान में रखते हुए जम्मू कश्मीर प्रशासन ने कुछ जगहों पर आंशिक रूप से इंटरनेट बहाल किया है. लेकिन अभी भी मेनस्ट्रीम न्यूज वेबसाइट्स को चालू नहीं किया गया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)