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शाहीन बाग जैसी हजारों घटनाओं को रोकने के लिए हमें वोट करें: अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली के बाबरपुर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा उम्मीदवार को आपका मत दिल्ली और देश को सुरक्षित बनाएगा और शाहीन बाग जैसी हजारों घटनाओं को रोकेगा.

गृहमंत्री अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

गृहमंत्री अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्लीः केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक रैली को संबोधित करते हुए नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर निशाना साधा.

हफिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, शाह ने बीते रविवार को बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित की गई एक रैली में कहा, ‘इस बार कमल के निशान पर बटन दबाओ तो इतने गुस्से के साथ दबाना कि बटन बाबरपुर में दबे, करंट वहां शाहीन बाग में लगे.’

उन्होंने कहा, ‘भाजपा उम्मीदवार को आपका मत दिल्ली और देश को सुरक्षित बनाएगा और शाहीन बाग जैसी हजारों घटनाओं को रोकेगा. जब आप आठ फरवरी को ईवीएम का बटन दबाएंगे, तो  इतने गुस्से में दबाना की उसका करंट शाहीन बगा में महसूस किया जा सके.’

शाह ने विभिन्न मुद्दों पर आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं.
उन्होंने रोहतास नगर निर्वाचन क्षेत्र में एक अन्य चुनावी सभा को संबोधित करते हुए लोगों से पूछा, ‘क्या आप उनका वोटबैंक हैं? राहुल बाबा और केजरीवाल देश को बांटने के नारे लगाने वाले टुकडे़ टुकडे़ गिरोह को क्यों बचाना चाहते हैं? वे ऐसा अपने वोट बैंक को लेकर डर के कारण करते हैं.’
उन्होंने कहा, ‘अगर झूठ बोलने और झूठे वादे करने का कोई सर्वेक्षण किया जाए तो केजरीवाल सरकार उसमें अव्वल आएगी.’

बता दें कि अमित शाह ने बीते शुक्रवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम में भी इसी तरह का बयान दिया था.

उन्होंने कहा था, ‘बटन इतनी ताकत से दबाना कि इसके करंट से आठ फरवरी को शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी वो जगह छोड़ने पर मजबूर हो जाएं.’

अमित शाह के इस बयान पर कांग्रेस नेता चिदंबरम ने कहा कि महात्मा गांधी का तिरस्कार करने वाले शाहीन बाग से मुक्ति पाना चाहेंगे.

उन्होंने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि शाहीन बाग महात्मा गांधी के मूल विचार का प्रतिनिधित्व करता है. इससे मुक्ति पाने का मतलब अहिंसा और सत्याग्रह से मुक्ति पाना है.

मालूम हो कि दिल्ली के शाहीन बाग में बीते एक महीने से अधिक समय से बड़ी संख्या में महिलाएं संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) और एनआरसी के विरोध में धरना दे रही हैं.

 (समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)