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नागरिकता क़ानून: कानपुर में प्रदर्शनकारियों को नोटिस, दो लाख का श्योरिटी बॉन्ड भरने का निर्देश

कानपुर पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान पुरुष औरतों को नारेबाज़ी के लिए भड़का सकते हैं या फिर क़ानून व्यवस्था भंग कर सकते हैं. इसलिए नोटिस भेजकर बॉन्ड की राशि भरने को कहा गया है. लखनऊ के घंटाघर में धरनास्थल से बच्चों को हटाने का निर्देश. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोग पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं.

Lucknow: Muslim women stage a protest against CAA and NRC near the Ghantaghar in the old city area of Lukcnow, Saturday, Jan. 25, 2020. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI1_25_2020_000145B)

लखनऊ के घंटाघर इलाके में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लगातार प्रदर्शन जारी है. (फोटो: पीटीआई)

कानपुर/लखनऊ/गोरखपुर/अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के कई शहरों में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर लगातार प्रदर्शन चल रहा है. बृहस्पतिवार को कानपुर शहर के मोहम्मद अली पार्क में महिलाओं के धरना प्रदर्शन के सिलसिले में अपर सिटी मजिस्ट्रेट ने 66 लोगों से दो-दो लाख रूपये की बांड राशि जमा करने के लिए कहा है.

अपर सिटी मजिस्ट्रेट (तृतीय) अनिल अग्निहोत्री ने बताया कि उन्होंने 66 लोगों को सीआरपीसी 107/116 के तहत दो-दो लाख रुपये का श्योरिटी बांड जमा करने को कहा है.

अग्निहोत्री ने बताया कि मामला चमनगंज थाने का है. पुलिस कानून व्यवस्था भंग करने या औरतों को भड़काने जैसे मामलों में अपनी रिपोर्ट अदालत को देती है, जिस पर संज्ञान लेकर नोटिस भेजा गया है. नोटिस पाने वाले को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होना पड़ता है और बांड भरना पड़ता है.

उन्होंने बताया कि मोहम्मद अली पार्क में प्रदर्शन चल रहा है. पुरुष औरतों को नारेबाजी के लिए भड़का सकते हैं या फिर कानून व्यवस्था भंग कर सकते हैं.

अग्निहोत्री ने बताया कि एहतियातन 66 लोगों को नोटिस भेजकर बॉन्ड की राशि भरने को कहा गया है.

लखनऊ के घंटाघर में धरना-स्थल से बच्चों को हटाने का निर्देश दिया

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने शहर के घंटाघर पर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे वयस्कों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि वे अपने बच्चों को तत्काल प्रभाव से धरनास्थल से हटाएं अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

समिति घंटाघर के निकट सीएए के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे वयस्कों को यह नोटिस बीते बुधवार को जारी किया.

समिति ने कहा, ‘किशोर न्याय (बालकों की देखरेख व संरक्षण) कानून 2015 के अनुसार, हर वह व्यक्ति ‘बच्चा’ कहलाएगा जो 18 वर्ष से कम आयु का है. अधिनियम की धारा तीन (चार) के अनुसार, बालक-बालिकाओं के सर्वोत्तम हित के दृष्टिगत बाल कल्याण समिति को कार्य करना है, जिससे बच्चों का बचपन, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा सके.’

नोटिस में कहा गया है, ‘उक्त के संदर्भ में बाल कल्याण समिति, लखनऊ सर्वसम्मति से यह आदेश देती है कि लखनऊ के घंटाघर के समीप अपने बच्चों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे परिवार तत्काल प्रभाव से अपने बच्चों को धरना स्थल से घर भेजें जिससे उनकी सामान्य दिनचर्या फिर से शुरू हो सके.’

समिति ने कहा, ‘कई बच्चे अपना विद्यालय छोड़ कर धरना स्थल पर हैं तथा उनके सही समय से खाना, पढ़ाई तथा खेल आदि की व्यवस्था भी बिगड़ गई है. अत: बच्चों के सर्वोत्तम हित में तथा उनकी मानसिकता पर दुष्प्रभाव न पडे़ इसलिए बच्चों को तत्काल प्रभाव से धरना स्थल से हटाया जाए अन्यथा किशोर न्याय कानून की धारा 75 के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.’

अमर उजाला के मुताबिक समिति की सदस्य डॉ. संगीता शर्मा के मुताबिक किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत प्रदर्शन में शामिल होने वाले बच्चों को शारीरिक और मानसिक कष्ट देने के लिए उनके अभिभावकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.

यह धारा बच्चों के साथ किए गए अपराध, क्रूरता के लिए लगाई जाती है. इस अपराध में तीन साल तक की सजा, एक लाख जुर्माने के साथ सजा या दोनों हो सकता है. नोटिस पर समिति के अध्यक्ष कुलदीप रंजन के साथ कमेटी के सदस्य डॉ. संगीता शर्मा, सुधारानी, ऋचा खन्ना, विनय कुमार श्रीवास्तव के दस्तखत हैं.

बता दें कि दिल्ली के शाहीन ब़ाग के तर्ज पर पिछले 17 जनवरी से नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ लखनऊ के घंटाघर में धरना प्रदर्शन हो रहा है.

सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोग बोल रहे हैं पाकिस्तान की भाषा: योगी

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हमला जारी रखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि ये लोग प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं.

गोरक्षपीठ द्वारा संचालित नर्सिंग कालेज के दीक्षांत समारोह में योगी ने कहा कि तमाम जगहों पर जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, वे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं. प्रदर्शनों के नाम पर देश को धोखा दिया जा रहा है. ऐसी हरकत को बर्दाश्त या स्वीकार नहीं किया जाएगा.

नर्सिंग विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे योगी ने बगैर किसी का नाम लिए कुछ प्रतिष्ठित लोगों की आलोचना की, जिन्होंने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन का समर्थन किया.

बसंत पंचमी के मौके पर इलाहाबाद में संगम पर पवित्र स्नान करने के बाद गोरखपुर आए योगी ने कहा कि कुछ स्वयंभू बुद्धिजीवी गुमराह हैं और वे देश में अशांति पैदा करने के लिए नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर जनता को गुमराह कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को ये पता ही नहीं है कि वे किसलिए प्रदर्शन कर रहे हैं. जब इंडिया गेट पर संवाददाताओं ने उनसे प्रदर्शन की वजह पूछी या उस कानून के बारे में पूछा जिसका वे विरोध कर रहे हैं तो आश्चर्यजनक रूप से उन्हें कुछ नहीं पता था. इससे सिद्ध होता है कि वे गुमराह हैं और हमें उन्हें रोकने के लिए आगे आने की आवश्यकता है क्योंकि ऐसे लोग विकास की राह में बाधा हैं.

अलीगढ़ में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठीं महिलाएं

इस बीच अलीगढ़ के दिल्ली गेट थाना क्षेत्र में ईदगाह के निकट गुरुवार को बडी संख्या में महिलाएं नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गईं.

प्रदर्शन बुधवार दोपहर बाद शुरू हुआ था. शाम तक बड़ी संख्या में लोग जुट गए हालांकि जिला प्रशासन उन्हें धारा—144 का उल्लंघन करने से रोकने का प्रयास करता रहा.

प्रदर्शनकारी धरनास्थल पर रात भर बैठे रहे और गुरुवार सुबह पड़ोस के शाहजमाल से जुड़े इलाकों की अन्य कई महिलाएं उनके साथ आ गईं.

पुलिस अधीक्षक नगर अभिषेक कुमार ने बताया कि पुलिस ने गुरुवार को 250 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ और नौ महिलाओं के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया.

इस सप्ताह की शुरुआत में सैकड़ों महिलाओं ने इसी तरह का धरना दिया था. उस समय जिला प्रशासन ने दो दिन के धरने की अनुमति दी थी.

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)