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आर्थिक समीक्षा में विकिपीडिया, अन्य निजी संस्थानों से भी लिए गए आंकड़े

केंद्रीय बजट से एक दिन पहले जारी किए गए आर्थिक सर्वे में भगवद गीता, ऋगवेद, कौटिल्य के अर्थशास्त्र, तमिल संत तिरुवल्लुवुर की शिक्षाओं ‘द तिरुकुरल’ के उद्धरण भी दिए गए हैं.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण. (फोटो: पीटीआई)

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: संसद में शुक्रवार को पेश आर्थिक समीक्षा 2019-20 में कुछ आंकड़े विकिपीडिया से भी लिए गए हैं. हालांकि विकिपीडिया को सूचना का विश्वसनीय स्रोत नहीं माना जाता है.

आर्थिक समीक्षा में विकिपीडिया के अलावा ब्लूमबर्ग, इक्रा, सीएमआईई, भारतीय प्रबंधन संस्थान-बेंगलुरू, फोर्ब्स और बीएसई जैसे निजी संस्थानों के भी आंकड़े लिए गए हैं.

विकिपीडिया एक मुफ्त ऑनलाइन सूचना कोश (एन्साइक्लोपीडिया) है. दुनियाभर के लोग स्वयंसेवा करते हुए इसमें सूचना डालते और उसका संपादन करते हैं. इस साइट का परिचालन विकिमीडिया फाउंडेशन करता है. मंच पर किसी के भी सूचना संपादित करने की वजह से इसे विश्वनीय स्रोत नहीं माना जाता है.

इसके अलावा समीक्षा में हेरिटेज डॉट ओआरजी, फ्रेजर इंस्टीट्यूट डॉट ओआरजी और एंबिट कैपिटल से भी आंकड़े लिए गए हैं.

समीक्षा में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष, विश्वबैंक, भारतीय रिजर्व बैंक, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय, भारतीय दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता बोर्ड, सिबिल, राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय, संयुक्तराष्ट्र और सिडबी से भी आंकड़े जुटाए गए हैं.

आर्थिक समीक्षा में भगवद गीता, ऋगवेद, कौटिल्य के अर्थशास्त्र, तमिल संत तिरुवल्लुवुर की शिक्षाओं ‘द तिरुकुरल’ और एडम स्मिथ की पुस्तक ‘एन इंक्वायरी इन टू नेचर एंड कॉजेज ऑफ द वेल्थ ऑफ नेशंस’ के उद्धरण भी दिए गए हैं.

बता दें कि, शुक्रवार को जारी किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 के मुताबिक साल 2016-17 में 6.3 की दर से कृषि अर्थव्यवस्था में विकास हुआ था. वहीं वित्त वर्ष 2017-18 कृषि विकास दर घटकर पांच फीसदी पर आ गई. हालांकि इसके बाद से हालात काफी बिगड़ने लगा.

वित्त वर्ष 2018-19 में कृषि विकास दर सिर्फ 2.9 फिसदी रही. वहीं आर्थिक सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 2019-20 के दौरा कृषि विकास दर 2.8 फीसदी रहने का अनुमान है.

वहीं, केंद्रीय बजट से एक दिन पहले जारी किए गए आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि भूमि और जल संसाधन एवं मजदूरों में कमी आने के चलते कृषि में उत्पादन और कटाई के बाद के कार्यों की जिम्मेदारी मशीनीकरण पर टिकी हुई है. इसके आधार पर रिपोर्ट में सरकार से कृषि मशीनीकरण को और बढ़ाने के लिए कहा गया है.

भारत में कुल कृषि मशीनीकरण 40-45 प्रतिशत है. वहीं संयुक्त राज्य अमेरिका में 95 प्रतिशत, ब्राजील में 75 प्रतिशत और चीन में 57 प्रतिशत है. इस तरह कई बड़े देशों के मुकाबले भारत में कृषि मशीनीकरण कम है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)