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उत्तर प्रदेश: लखनऊ में विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष की गोली मारकर हत्या

पुलिस ने बताया कि 40 वर्षीय रंजीत बच्चन हजरतगंज क्षेत्र में सुबह सैर के लिए निकले थे, तभी अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें गोली मार दी जिससे उनकी मौत हो गई. शुरुआती जांच में पारिवारिक रंजिश का मामला सामने आया है. हालांकि पुलिस सभी कोणों से मामले की जांच कर रही है.

रंजीत बच्चन. (फोटो: ट्विटर)

रंजीत बच्चन. (फोटो: ट्विटर)

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के नेता एवं विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रंजीत बच्चन की रविवार सुबह अज्ञात व्यक्ति ने गोली मारकर हत्या कर दी.

पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि 40 वर्षीय रंजीत श्रीवास्तव उर्फ रंजीत बच्चन हजरतगंज क्षेत्र में सुबह सैर के लिए निकले थे, तभी अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें गोली मार दी जिससे उनकी मौत हो गई. शुरुआती जांच में पारिवारिक रंजिश का मामला सामने आया है. हालांकि पुलिस सभी कोणों से मामले की जांच कर रही है.

संयुक्त पुलिस आयुक्त नवीन अरोड़ा ने संवाददाताओं को बताया कि रविवार की सुबह आदित्य श्रीवास्तव नामक एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि वह अपने भाई रंजीत के साथ सैर के लिए गया था. वे शहर के बर्लिंगटन चौराहे के पास से निकल कर परिवर्तन चौक की तरफ जा रहे थे तभी शॉल से अपना चेहरा छुपाए एक व्यक्ति ने उन्हें रोका और उनके मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की.

उन्होंने बताया कि छीना झपटी के दौरान उस व्यक्ति ने गोली चला दी जो रंजीत को लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. आदित्य के बाएं हाथ में गोली लगी है. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

अरोड़ा ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि रंजीत बच्चन अपनी पत्नी कालिंदी शर्मा बच्चन के साथ ओसीआर बिल्डिंग में रहते थे.

कालिंदी के मुताबिक वर्ष 2002 से 2009 के बीच रंजीत ने समाजवादी पार्टी की विभिन्न साइकिल रैलियों में हिस्सा लिया था. बाद में उसके पति ने विश्व हिंदू महासभा नामक संगठन बनाया था.

अरोड़ा ने बताया कि रंजीत और उनकी पत्नी के बीच झगड़ा था और इस सिलसिले में गोरखपुर में एक मुकदमा भी दर्ज है. जांच में इस बात को भी ध्यान में रखा जा रहा है.

उन्होंने बताया कि मौका-ए-वारदात की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही हैं. मामले की जांच के लिए अपराध शाखा की आठ टीमें बनाई गई हैं.

हालांकि, यह अभी भी ज्ञात नहीं है कि यह हमला बच्चन की राजनीतिक गतिविधियों से संबंधित था, लेकिन हाल के महीनों में लखनऊ में एक हिंदू संगठन के नेता पर यह दूसरा हमला है. पिछले साल अक्टूबर में कमलेश तिवारी, जो हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष थे और पहले हिंदू महासभा से जुड़े थे, उनकी हत्या नाका हिंडोला इलाके में खुर्शीद बाग में उनके घर पर की गई थी.

बाद में इस अपराध के लिए एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें दो मुख्य आरोपी भी शामिल थे, जिन्हें गुजरात पुलिस के आतंकवाद-रोधी दस्ते ने पकड़ लिया था.

एक मुख्य आरोपी पहचान 34 वर्षीय अशफ़ाक़ हुसैन जाकिर हुसैन शेख़ के रूप में की गई जो कि एक मेडिकल सहायक के रूप में काम करता था. वहीं दूसरा आरोपी 27 वर्षीय मोइनुद्दीन खुर्शीद पठान एक डिलीवर बॉय था.

वहीं, उनकी पत्नी ने दो व्यक्तियों पर अपने पति के सिर पर 1.5 करोड़ रुपये का इनाम रखने का आरोप लगाया था. उन्होंने उनकी पहचान मोहम्मद मुफ्ती नईम काज़मी और इमाम मौलाना अनुवारुल हक के रूप में की थी. हिंदू महासभा ने तब केंद्र से हस्तक्षेप करने और राज्य में धार्मिक नेताओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए भी कहा था.

2015 में पैगंबर मोहम्मद के बारे में कुछ विवादास्पद टिप्पणी करने पर तिवारी ने मुस्लिम भावनाओं को नाराज किया था. इसके बाद कई मुस्लिम समूहों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था. उनकी हत्या के बाद, पश्चिमी यूपी के बिजनौर के दो मुस्लिम मौलवियों सहित कई लोगों को उनकी हत्या के पीछे साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)