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बलात्कार के आरोपी भाजपा नेता चिन्मयानंद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली जमानत

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की कानून की एक छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद को पिछले साल 20 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था.

स्वामी चिन्मयानंद. (फोटो साभार: फेसबुक)

स्वामी चिन्मयानंद. (फोटो साभार: फेसबुक)

इलाहाबाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक विधि छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद की जमानत याचिका सोमवार को मंजूर कर ली.

चिन्मयानंद की जमानत याचिका पर जस्टिस राहुल चतुर्वेदी ने यह आदेश पारित किया.

इससे पूर्व शिकायतकर्ता के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस राहुल चतुर्वेदी ने 16 नवंबर, 2019 को स्वामी चिन्मयानंद की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

उल्लेखनीय है कि पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में पीड़िता की जमानत याचिका न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने चार दिसंबर, 2019 को मंजूर की थी.

एसआईटी ने चिन्मयानंद की शिकायत पर विधि छात्रा और उसके तीन मित्रों के खिलाफ फिरौती मांगने का मामला दर्ज किया था.

गौरतलब है कि शाहजहांपुर स्थित स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने पिछले साल 23 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड कर चिन्मयानंद पर शारीरिक शोषण तथा कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने के आरोप लगाने के साथ ही उसे तथा उसके परिवार को जान का खतरा बताया था.

इस मामले में चिन्मयानंद को पिछले साल 20 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. इसके बाद एसआईटी ने दावा किया था कि स्वामी चिन्मयानंद ने खुद पर लगे लगभग सभी आरोप स्वीकार कर लिए हैं.

बीते साल अगस्त महीने में चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाने के बाद छात्रा कथित तौर पर लापता हो गई थी. काफी खोजबीन के बाद पुलिस को वह राजस्थान में मिली थी.

इसके बाद उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर उसे दिल्ली में शीर्ष अदालत के समक्ष पेश किया गया था. शीर्ष अदालत ने एसआईटी को मामले की जांच करने का निर्देश दिया था.

इस मामले में छात्रा के पिता की शिकायत पर कोतवाली शाहजहांपुर में अपहरण और जान से मारने की धाराओं में चिन्मयानंद के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया था, लेकिन इससे एक दिन पहले स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने छात्रा और उसके कुछ सहयोगियों के खिलाफ पांच करोड़ रुपये रंगदारी मांगने का भी मुकदमा दर्ज करा दिया था.

इसके बाद 23 वर्षीय कानून की छात्रा को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पिछले साल 25 सितंबर को ब्लैकमेल करने और पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था.

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)