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आयुष मंत्रालय का गर्भवती महिलाओं को ज्ञान, मांसाहार और वासना से करें परहेज़

आयुष मंत्रालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में राज्यमंत्री श्रीपद नाइक द्वारा जारी की गई एक बुकलेट में सेहतमंद शिशु पाने के लिए बुरी संगत से बचने और मन में आध्यात्मिक विचार लाने की सलाह दी गई है.

Ayush Ministry

आयुष मंत्रालय की वेबसाइट का स्क्रीनशॉट

महिलाओं को अक्सर उनके जीवन से संबंधी नसीहतें मिलती रहती हैं, चाहे घर हो, दफ्तर या यूं ही कोई अनजान व्यक्ति. महिलाओं को सलाह (भले ही वह अनचाही ही हो) की कभी कोई कमी नहीं रहती. गर्भवती महिलाओं को तो सलाह देने में कोई पीछे नहीं रहता.

इस बार भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस बारे में भावी माताओं के लिए नसीहतों की एक सूची जारी की है.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार आगामी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मद्देनज़र आयुष मंत्रालय द्वारा ‘मदर एंड चाइल्ड केयर’ पर जारी एक बुकलेट के मुताबिक, अगर आप सेहतमंद शिशु पाने की इच्छुक हैं, तो मांस मत खाइए, गर्भधारण के बाद शारीरिक संबंध न बनायें, मन में अच्छे विचार लाएं, साथ ही अपने कमरे में सुंदर तस्वीरें लगाएं.

गौरतलब है कि पिछले दिनों आरएसएस की चिकित्सा शाखा ‘आरोग्य भारती’ द्वारा शिशु को गर्भ में ही गोरा और संस्कारी बनाने की ख़बर सामने आई थी. तब बताया गया था कि माता-पिता के तीन महीने का शुद्धिकरण, ग्रहों के मुताबिक संभोग, महिला के गर्भवती हो जाने के बाद पूरी तरह से परहेज़ और प्रक्रियात्मक व सही भोजन का पालन करने से परफेक्ट संतान की प्राप्ति हो सकती है.

इस बुकलेट में यह भी सलाह दी गई है भावी माता को ग़ुस्से, बुराई, काम-वासना और आसक्ति से दूर रहना चाहिए. बुरी संगत में नहीं रहना चाहिए, आत्मावलोकन करना चाहिए, आध्यात्मिक विचार मन में लाने चाहिए. साथ ही शांत चित्त से महापुरुषों के बारे में पढ़ना चाहिए.

इस बारे में मंत्रालय प्रभार संभाल रहे श्रीपद नाइक से संपर्क करने के प्रयास असफल रहे.