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सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वार्ताकारों ने शाहीन बाग का दौरा किया

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वार्ताकार संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन गुरुवार को करीब 3 बजे शाहीन बाग में बातचीत का दूसरा दौर शुरू करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया है कि प्रदर्शन किसी ऐसे स्थान पर किया जाना चाहिए, जहां कोई रास्ता बाधित न हो रहा हो.

शाहीन बाग में बुधवार को प्रदर्शनकारियों से बात करने पहुंचे सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वार्ताकार वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन. (फोटो: पीटीआई)

शाहीन बाग में बुधवार को प्रदर्शनकारियों से बात करने पहुंचे सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वार्ताकार वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वार्ताकारों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू करने के लिए बुधवार को शाहीन बाग का दौरा किया. सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया है कि प्रदर्शन किसी ऐसे स्थान पर किया जाना चाहिए, जहां कोई रास्ता बाधित न हो रहा हो.

वार्ताकार संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन गुरुवार को करीब 3 बजे शाहीन बाग में बातचीत का दूसरा दौर शुरू करेंगे.

प्रदर्शनकारी बीते दो महीने से भी अधिक समय से संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ धरने पर बैठे हैं.

वार्ताकारों संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने पत्रकारों से कहा कि वे शाहीन बाग में बड़ी संख्या में जमा लोगों की बात सुनने आए हैं.

एनडीटीवी के अनुसार, हेगड़े ने शाहीन बाग में कहा, ‘हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक यहां आए हैं. हम सभी से बातचीत करने की उम्मीद करते हैं. हम सभी के सहयोग से इस मामले के समाधान की उम्मीद करते हैं.’

प्रदर्शनकारियों से बात करते हुए संजय हेगड़े ने कहा कि हम आपकी बात सुनने आये हैं, आपके लिए बहुत जरूरी है ये सुनना कि सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले पर क्या कहा है. जिसके बाद संजय हेगड़े ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पढ़कर प्रदर्शनकारियों को सुनाया. एक अन्य वार्ताकार साधना रामचंद्रन ने प्रदर्शनकारियों से कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने आपके आंदोलन करने के हक़ का समर्थन किया है,लेकिन हम सबकी तरह और भी नागरिक है उनका हक छीना नहीं छीना जा सकता है.”

साधना रामचंद्रन ने कहा कि हमे इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने भेजा है कि हम मिलकर हल निकाले हम मिलकर आप सबकी बात सुनना चाहते है. हम ऐसा हल निकालगे कि वो दुनिया के लिए मिसाल बनेगा हम बगैर मीडिया के आपसे बात करना चाहते है. लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जो भी बात करनी है वो मीडिया के सामने होनी चाहिए.

प्रदर्शनकारियों के मीडिया के सामने ही वार्ता करने की बात पर साधना रामचंद्रन ने कहा कि अगर आप मीडिया के सामने बात करना चाहते हैं तो हम कुछ कहेंगे ही नहीं. हम सिर्फ़ आपको सुनेंगे हमारे पास रविवार तक का वक़्त है.

साधना रामचंद्रन ने कहा कि हमे इस तरह से हल निकालना है कि रोड खुल जाए. उनकी बात पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने एतराज जताया और दादी ने कहा कि रोड तब तक नहीं खोलेंगे जब तक सीएए वापस नहीं लिया जाएगा.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, एक पत्र देकर वार्ताकारों को बताया गया कि कालिंदी कुंज-शाहीन बाग रोड पर धरना स्थल केवल 150 मीटर तक फैला है और धरना स्थल को छोड़ते हुए उसे पुलिस द्वारा खाली कराया जा सकता है.

एक प्रदर्शनकारी ने वार्ताकारों को बताया, ‘दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा रोड के तीन तरफ से बैरिकेड लगाया गया है. ऐसा नहीं है कि हम लोग परेशानी का सामना कर रहे लोगों की मदद नहीं करते हैं. हम एंबुलेंस, पुलिस कार, स्कूल बस और यहां तक कि आपात स्थिति में निजी वाहनों को गुजरने के लिए रास्ता देते हैं.’

बाद में एक बयान जारी कर रामचंद्रन ने कहा, ‘आज शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों के साथ हमारी पहली बैठक हुई. हम बहुत सारे गर्वित भारतीयों से मिले जो अपने संवैधानिक संस्थानों में बहुत विश्वास रखते हैं. लोकतांत्रिक संवाद में सर्वोच्च न्यायालय और उसके महत्वपूर्ण विश्वास की बहुत प्रशंसा हुई. हमने इसे ऐसे देखा कि व्यथित पक्षों को सुना जाना बहुत ज़रूरी है. सभी ने इस देश के संयुक्त सह-नागरिक के रूप में, अपना विश्वास व्यक्त किया कि हम मिलकर एक संभव समाधान पा सकते हैं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)