कैंपस

जामिया हिंसा: सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने की कई छात्रों से पूछताछ

दिल्ली पुलिस ने बुधवार को जामिया के दस छात्रों को नोटिस देकर उनसे 15 दिसंबर को परिसर में हुई हिंसा के मामले में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा था. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के लिए उन छात्रों का बुलाया जा रहा है जो हिंसा के दौरान घायल हुए थे.

New Delhi: Police personnel outside the Jamia Millia Islamia University as students stage a protest against the passing of Citizenship Amendment Bill, in New Delhi, Friday, Dec. 13, 2019. (PTI Photo) (PTI12_13_2019_000300B)

फाइल फोटो: पीटीआई

नई दिल्ली: जामिया मिलिया इस्लामिया के कुछ छात्रों ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया, जो 15 दिसंबर को विश्वविद्यालय परिसर में एक कथित पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हो गए थे. सूत्रों ने यह जानकारी दी.

दिल्ली पुलिस ने बुधवार को जामिया मिलिया इस्लामिया के 10 छात्रों को नोटिस देकर उनसे 15 दिसंबर की हिंसा के मामले में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा था.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एक टीम बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर पहुंची थी और छात्रों को नोटिस दिए.

जिन छात्रों को पूछताछ के लिए बुलाया गया, उनमें कुछ ऐसे भी छात्र हैं, जिन्हें घटना की रात हिरासत में लिया गया था. इसमें से कुछ की पहचान हाल में सामने आए सीसीटीवी के वीडियो क्लिप्स के जरिए की गयी है और कुछ ऐसे छात्र हैं, जो घटना के दिन घायल हो गए थे.

सूत्रों ने बताया कि कुछ और छात्रों को अपने बयान दर्ज कराने के लिए बुलाए जाने की संभावना है.

अमर उजाला के मुताबिक हिंसा में छात्रों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. पूछताछ के लिए शुक्रवार को भी कुछ छात्रों को बुलाया गया है. छात्रों से यह पूछा जा रहा है कि उनको चोट कैसे लगी.

अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के लिए उन छात्रों का बुलाया जा रहा है जो हिंसा के दौरान घायल हुए थे. पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऐसे घायल छात्रों की संख्या 30 से ज्यादा है. 

गुरुवार को पूछताछ के लिए नौ छात्रों को बुलाया गया था. इनमें से पांच छात्र ही पूछताछ में शामिल हुए. इन छात्रों से करीब दो घंटे पूछताछ की गई. एसआईटी ने छात्रों से पूछा कि हिंसा के दौरान वे कहां थे और चोट कैसे लगी. लाइब्रेरी में कौनकौन थे. लाइब्रेरी में किसने तोड़फोड़ की थी. 

पुलिस ने इन छात्रों के मोबाइल नंबर भी लिए हैं ताकि घटना वाले दिन उनकी लोकेशन की जांच की जा सके. अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को भी कई छात्रों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है.

पुलिस ने जामिया के दो छात्रों से बुधवार को भी पूछताछ की थी. अपराध शाखा जामिया मिलिया की सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो की भी जांच कर रही है. पुलिस वीडियो की सत्यता की जांच के लिए जल्द ही फोरेंसिक लैब भेजेगी.

दैनिक जागरण के मुताबिक पुलिस को शक है कि वीडियो में स्थानीय युवकों के साथ वर्तमान व पूर्व छात्र भी शामिल हैं, जिन्होंने डीटीसी बसों में आग लगाई थी और मथुरा रोड पर निजी कारों पर पथराव किया था. उनके अनुसार वे घटना से पहले शाम को छात्रों के साथ घुलमिल गए थे और भीड़ में घुस गए थे. उन सभी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है.

ये भी कहा जा रहा है कि जामिया के पदाधिकारियों ने ही जामिया समन्वय समिति (जेसीसी) द्वारा वीडियो लीक कराया है. वीडियो को जांच प्रभावित करने के लिए अपलोड किया गया था. पुलिस का कहना है कि वीडियो केस के अहम सबूत का हिस्सा है.

अधिकारियों का कहना है कि उन सुरक्षाकर्मियों की भी पहचान की जा रही है जो छात्रों व अन्य को बेंत से मारते हुए दिख रहे हैं. लेकिन जांच से पहले गोपनीय वीडियो लीक कर देने से जांच प्रभावित हो सकती है.

बता दें कि 13 दिसंबर को सीएए के खिलाफ जामिया के छात्रों के प्रदर्शन के बाद 15 दिसंबर को जामिया परिसर में हिंसा हुई थी, जहां पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया था, साथ ही लाइब्रेरी में आंसू गैस फेंकी गयी थी.

पुलिस द्वारा लाइब्रेरी में घुसने और लाठीचार्ज करने की बात से इनकार किया गया था, हालांकि 16 फरवरी को सामने आए एक वीडियो में पुलिस लाइब्रेरी के अंदर नजर आयी थी.

बीते कुछ दिनों में जामिया के सीसीटीवी में कैप्चर हुए कई वीडियो क्लिप्स वायरल हुए हैं, जिसमें पुलिस को छात्रों पर लाठीचार्ज करते कैंपस की संपत्ति को नष्ट करते देखा जा सकता है. इन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में सीसीटीवी कैमरों को लाठियों से तोड़ रहे हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)