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दिल्ली हिंसा: पुलिस को कड़ी फटकार लगाने वाले जस्टिस मुरलीधर का तबादला

जस्टिस एस. मुरलीधर ने बीते बुधवार को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया था कि वे भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं पर एफआईआर दर्ज करने पर जल्द फैसला लें.

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(जस्टिस मुरलीधर: फोटो साभार: फेसबुक/@NyayaForum)

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बीते बुधवार को रात में दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस एस. मुरलीधर का पंजाब और हरियाणा कोर्ट में तबादला करने की मंजूरी दे दी. जस्टिस मुरलीधर दिल्ली दंगे की सुनवाई कर रहे थे और दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया था कि वे भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं पर एफआईआर दर्ज करने पर जल्द फैसला लें.

जज ने पुलिस की निष्क्रियता को लेकर भी कड़ी फटकार लगाई थी और पीड़ितों को सभी जरूरी मदद मुहैया कराने का निर्देश दिया था. बीते 12 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने जस्टिस मुरलीधर के तबादले की सिफारिश की थी.

कोलेजियम ने मुरलीधर के साथ दो और जजों के तबादले की सिफारिश की थी. हालांकि खास बात ये है कि ट्रांसफर करने के लिए जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक उनका ‘तत्काल प्रभाव’ से तबादला किया जाएगा क्योंकि ज्वाइनिंग की तारीख नहीं लिखी गई है. आमतौर पर नोटिफिकेशन में ये स्पष्ट लिखा जाता है कि किस तारीख तक जज को अगले कोर्ट को ज्वाइन करना है.

जस्टिस मुरलीधर कई बड़े और कड़े फैसले देने के लिए जाने जाते हैं. उनके फैसलों में सरकार की काफी आलोचना भी रहती है. वे दिल्ली हाईकोर्ट के तीसरे सबसे सीनियर जज थे. जब कोलेजियम ने मुरलीधर के ट्रांसफर की सिफारिश की थी तो इसकी काफी आलोचना हुई थे.

इसके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने पिछले हफ्ते विरोध प्रदर्शन किया और एक दिन के लिए कामकाज बंद रखा था.