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हिंदू महासभा का विवादित बयान, कहा-देश में बढ़ते आतंकवाद के लिए गांधीवाद जिम्मेदार

अखिल भारत हिंदू महासभा ने सभी सरकारी दफ्तरों में लगी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीरों और प्रतिमाओं को तुरंत हटाए जाने की मांग की है.

**EDS: UNDATED PHOTO** London: An undated photo of a sculpture of Mahatma Gandhi, at Parliament Square in London. (PTI Photo) (TO GO WITH STORY)(PTI9_29_2019_000055B)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्लीः अखिल भारत हिंदू महासभा ने गांधीवाद को देश में बढ़ते आतंकवाद की वजह बताते हुए सभी सरकारी दफ्तरों में लगी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीरों और प्रतिमाओं को तुरंत हटाए जाने की मांग की है.

हिंदू महासभा ने गुरुवार को मेरठ में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) का समर्थन करते हुए भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग की.

मेरठ के शारदा रोड स्थित संगठन के कार्यालय पर संवाददाताओं से बातचीत में अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक शर्मा और प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक अग्रवाल ने कहा, ‘देश में आतंकवाद की असल वजह गांधीवाद है, क्योंकि देश में आज जो भी राष्ट्रविरोधी गतिविधियां हो रही हैं, उनसे जुड़े लोग खुद के गांधीवादी होने का दावा करते हैं.’

हिंदू महासभा के दोनों नेताओं ने कहा, ‘देश में होने वाली राष्ट्रविरोधी गतिविधियों जैसे भीड़ के साथ मिलकर आम लोगों की हत्या करना, पुलिस सहित सभी सुरक्षा एजेंसियों पर हमला करना और भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की बात करना. ऐसे सभी राष्ट्रद्रोही कार्य करने वाले केवल और केवल करमचंद गांधी को ही अपना आदर्श मानते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘शाहीन बाग जैसे अलोकतांत्रिक धरने में शामिल लोग गांधी को आदर्श मानते हैं. इसका सबूत है कि ये सभी गांधी के पोस्टर लगाकर आंदोलन करते हैं.’

हिंदू महासभा के इन दोनों सदस्यों ने कहा, ‘1947 में भी देश का बंटवारा गांधी की वजह से हुआ था और मौजूदा वक्त में भी देश को खंडित करने का सपना देखने वालों के आदर्श गांधी हैं.’

इसलिए अखिल भारत हिंदू महासभा खुले पत्र के जरिए राष्ट्रपति से मांग करती है कि देश के सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों से गांधी के सभी चित्र और प्रतिमाएं तुरंत हटाने का आदेश दें.