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यस बैंक पर आरबीआई की पाबंदी से पहले गुजरात की कंपनी ने निकाल लिए 265 करोड़ रुपये

वडोदरा नगर निगम के उपायुक्त सुधीर पटेल ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत मिले अनुदान के हिस्से के रुप में यह राशि केंद्र सरकार से मिली थी. यस बैंक द्वारा सामना की जा रही परेशानियों को देखते हुए इसे दो दिन पहले निकाल लिया गया और बैंक ऑफ बड़ौदा के एक नए खाते में स्थानांतरित कर दिया गया.

यस बैंक (फोटोः रॉयटर्स)

यस बैंक (फोटोः रॉयटर्स)

वडोदरा: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा यस बैंक पर गुरुवार को प्रति खाताधारक 50 हजार रुपये तक की राशि निकालने पर लगाई गई पाबंदी से एक दिन पहले ही वडोदरा नगर निगम से जुड़ी एक विशेष कंपनी वडोदरा स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कंपनी ने यस बैंक से 265 करोड़ रुपये निकाल लिए.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एक अधिकारी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी.

वडोदरा स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और वडोदरा नगर निगम के उपायुक्त सुधीर पटेल ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत मिले अनुदान के हिस्से के रुप में यह राशि केंद्र सरकार से मिली थी और यस बैंक की एक स्थायी शाखा में जमा की गई थी.

उन्होंने बताया कि यस बैंक द्वारा सामना की जा रही परेशानियों को देखते हुए इसे दो दिन पहले निकाल लिया गया और बैंक ऑफ बड़ौदा के एक नए खाते में स्थानांतरित कर दिया गया.

बता दें कि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नकदी संकट से जूझ रहे यस बैंक से निकासी की सीमा तय कर दी है.

आरबीआई के इस आदेश के बाद अब ग्राहक एक महीने में 50 हजार रुपये से ज्यादा नहीं निकाल सकेंगे. आरबीआई के अनुसार, फिलहाल यह रोक पांच मार्च से तीन अप्रैल तक लगी रहेगी.

भारतीय रिजर्व बैंक ने यस बैंक के निदेशक मंडल को भी भंग करते हुए उस पर प्रशासक नियुक्त कर दिया है.

आरबीआई ने देर शाम जारी बयान में कहा कि यस बैंक के निदेशक मंडल को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) प्रशांत कुमार को यस बैंक का प्रशासक नियुक्त किया गया है.

आरबीआई ने बैंक के जमाकर्ताओं पर निकासी की सीमा सहित इस बैंक के कारोबार पर कई तरह की पाबंदिया भी लगा दी हैं.