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दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से सीबीआई ने की पूछताछ

‘टॉक टू एके’ कार्यक्रम पर लगे आरोपों की प्राथमिक जांच के सिलसिले में सीबीआई ने सिसोदिया से उनके सरकारी आवास पर पूछताछ की.

New Delhi: Delhi Deputy Chief Minister Manish Sisodia talks to the media after attending the First Meeting of the GST Council in New Delhi on Friday. PTI Photo by Subhav Shukla (PTI9_23_2016_000115B) *** Local Caption ***

नई दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया. (फोटो: पीटीआई)

 

सीबीआई ने शुक्रवार सुबह दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से पूछताछ की है. सीबीआई की टीम सिसोदिया से ‘टॉक टू एके’ कार्यक्रम में गड़बड़ी की शिकायतों के मामले में उनके सरकारी आवास पर कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण लेने गयी. हालांकि उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे सीबीआई की सिसोदिया के आवास पर छापेमारी की कार्रवाई बताया है.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जनसंवाद अभियान के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा शुरू किए गए कार्यक्रम ‘टॉक टू एके’ में अनियमितताओं की शिकायतों पर सीबीआई ने यह कार्रवाई की.

सीबीआई की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस मामले में कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण के लिए जांच एजेंसी की टीम सिसोदिया के घर गई थी. सीबीआई ने इसे छापेमारी बताये जाने का खंडन करते हुये कहा कि इसे छापामारी या छानबीनेे नहीं कहा जा सकता है.

सीबीआई ने ‘टॉक टू एके’ कार्यक्रम में एक निजी जनसंपर्क कंपनी को नियमविरूद्ध तरीके से लाभ पहुंचाने की पहल करने की शिकायत पर इस साल जनवरी में प्रारंभिक जांच शुरू की थी. यह मामला दिल्ली सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से जुड़ा है, जिसके प्रभारी मंत्री सिसोदिया हैं.

इससे पहले सिसोदिया के मीडिया सलाहकार अरूणोदय प्रकाश ने सिसोदिया के मथुरा रोड स्थित सरकारी आवास पर सीबीआई की छापेमारी की जानकारी देते हुए कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री केजरीवाल सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिल रही सुविधाओं का निरीक्षण कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर सीबीआई सिसोदिया के घर पर छापामारी कर रही है.

सीबीआई ने दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग की शिकायत पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी. सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि नियमानुसार प्राथमिक जांच की कार्रवाई के तहत छापामारी या छानबीन की ही नहीं जा सकती है.

इस मामले की शिकायत में ‘टॉक टू एके’ कार्यक्रम को लोकप्रिय बनाने का अभियान चलाने के लिये विभाग ने एक नामी जनसंपर्क कंपनी के सलाहकार की सेवायें लेने का फैसला किया था.

इस अभियान के एवज में विभाग द्वारा 1.5 करोड़ रुपये के भुगतान का प्रस्ताव भी तैयार किया गया. आरोप है कि विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताये जाने के बावजूद सरकार ने उक्त प्रस्ताव को स्वीकार कर अभियान को आगे बढ़ाया. सीबीआई इस शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर सिसोदिया और अन्य की इस मामले में भूमिका की जांच कर रही है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)