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भारत में बहुत ख़तरनाक प्रक्रिया चल रही है, संस्थाएं बहुत ख़तरे में हैं: हामिद अंसारी

राज्यसभा सदस्य रहे भालचंद्र मुंगेकर की किताब के विमोचन के अवसर पर पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि जिन सिद्धांतों पर संविधान की प्रस्तावना की गई उनकी अवहेलना की जा रही है.

New Delhi: Former vice president Hamid Ansari speaks during the release of his book titled 'Dare I Question?', in New Delhi on Tuesday, July 17, 2018. (PTI Photo/Kamal Singh) (PTI7_17_2018_000158B)

हामिद अंसारी. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: देश के पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि भारत में एक बहुत खतरनाक प्रक्रिया चल रही है और देश की संस्थाएं बड़े खतरे में हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जिन सिद्धांतों पर संविधान की प्रस्तावना तैयार की गई उसकी अवहेलना की जा रही है.

बीते मंगलवार को अंसारी ने कहा कि लोग मुश्किल समय में जी रहे हैं और प्रतिक्रिया करना जरूरी है क्योंकि यदि यह जारी रहा तो बहुत देर हो जाएगी.

उन्होंने कहा, ‘हम बहुत मुश्किल समय में जी रहे हैं. मुझे इसके विस्तार में जाने की जरूरत नहीं है, लेकिन सच्चाई यह है कि भारत के गणतंत्र की संस्थाएं बहुत खतरे में हैं.’

उन्होंने कहा कि जिन सिद्धांतों पर संविधान की प्रस्तावना तैयार की गई उसकी अवहेलना की जा रही है. उन्होंने कहा, ‘इस प्रक्रिया में काफी कुतर्क शामिल है इसलिए अधिकतर नागरिकों द्वारा इसे समझ पाना आसान नहीं है. हालांकि सच्चाई यह है कि बहुत खतरनाक प्रक्रिया चल रही है. यह हमारे लिए, देश के नागरिकों के लिए खतरनाक है.’

उन्होंने यह टिप्पणी शिक्षाशास्त्री और राज्यसभा सदस्य रहे भालचंद्र मुंगेकर की पुस्तक ‘माय एनकाउंटर्स इन पार्लियामेंट’ के विमोचन के मौके पर कही. इस मौके पर राकांपा प्रमुख शरद पवार, भाकपा महासचिव डी. राजा और माकपा महासचिव सीताराम येचुरी भी उपस्थित थे.

अंसारी ने कहा कि भारत के मित्र देश स्थिति को खतरे की स्थिति के तौर पर देख रहे हैं जबकि देश के दुश्मन खुश हैं.

उन्होंने कहा, ‘इसलिए कुछ ऐसा है जिस पर गौर किया जाना चाहिए, मैं डा. मुंगेकर के शब्दों को जगाने वाला और यह याद दिलाने वाला मानता हूं कि हमें भ्रमित किया जा रहा है और यदि हम इस प्रक्रिया को जारी रहने देंगे तो जगने में बहुत देर हो जाएगी.’