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राजस्थान: कोरोना के चलते कम आवश्यक सरकारी, अर्धसरकारी और स्वायत्त संस्थान 31 मार्च तक बंद

कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में धारा 144 लगा दी थी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन व्यक्तियों में इस बीमारी के लक्षण पाए गए हैं, अगर वे होम आइसोलेशन के निर्देशों को न मानें, तो उन परआईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाए.

Hyderabad: A medic looks on at a patient who has shown positive symptoms for coronavirus (COVID -19) at an isolation ward in Hyderabad, Tuesday, March 10, 2020. (Credit: PTI)

(फोटो: पीटीआई)

जयपुर: देश भर में कोरोना वायरस से पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है. राज्य के झुंझुनू में तीन नए मरीजों में कोरोना की पुष्टि होने के बाद राजस्थान सरकार ने इस क्षेत्र में सर्विलांस के लिए 350 टीम लगाई हैं.

इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के सभी कम जरूरी सरकारी, अर्ध सरकारी, स्वायत्त संस्थानों को 31 मार्च तक बंद रखने का आदेश दिया है. इसके साथ ही स्कूल-कॉलेज और बोर्ड परीक्षाओं को अग्रिम आदेश तक रद्द किया गया है.

दैनिक भास्कर के अनुसार सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक सुविधाओं से जुड़े विभाग काम करेंगे.

इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, आयुर्वेद, ऊर्जा, सभी विद्युत निगम, जलदाय, स्वायत्त शासन, नगरीय निकाय, गृह एवं पुलिस, कारागार, गृह रक्षा एवं एफएसएल, वित्त, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आपदा प्रबंधन एवं सहायता, पंचायती राज, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, कार्मिक (आवश्यक शाखाएं), परिवहन और रोडवेज एवं अन्य शहरी बस निगम, जयपुर मेट्रो, सामान्य प्रशासन, स्टेट मोटर गैराज, विधि तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग शामिल हैं.

इन सभी में काम होता रहेगा. इसके अलावा शेष सभी विभागों में 50 प्रतिशत कर्मचारी कार्यालय में रहेंगे व 50 प्रतिशत घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करेंगे. यह भी कहा गया है कि कर्मचारी घर से ऑनलाइन काम भी कर सकेंगे.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक झुंझुनू के एक दंपत्ति ओर उनकी ढाई साल की बेटी को कोरोना की पुष्टि हुई थी. ये लोग आठ मार्च को इटली से लौटे थे. हालांकि तब इनमें इस बीमारी का कोई लक्षण नहीं देखा गया था और उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर नहीं रोका गया.

इसके बाद ये लोग सड़क के रास्ते झुंझुनू पहुंचे. कई दिन बाद तबियत बिगड़ने पर स्थानीय असपताल में उनके सैंपल लेकर जांच के लिए जयपुर भेजा गया जहां बुधवार को वे पॉजिटिव पाए गए.

इसके बाद राजस्थान में धारा 144 लागू कर दी गई है. कोरोना वायरस को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला अधिकारियों और उप-संभागीय अधिकारियों को सीआरपीसी की धारा 144 के तहत एक साथ कई लोगों को न जुटने देने के निर्देश दिए गए हैं.

मुख्यमंत्री ने अपील की है कि सभी मंदिर-मस्जिद और अन्य धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर लोग एक साथ न जुटें. साथ ही उन्होंने प्रदेश के स्पा, क्लब, बार आदि को बंद रखने के भी निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि वे सभी निजी फैक्ट्रियों स्वच्छता और कोरोना से बचने के आवश्यक उपाय सुनिश्चित करें. साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि फैक्ट्री के श्रमिकों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा तथा सवैतनिक अवकाश भी सुनिश्चित किया जाए.

मुख्यमंत्री गहलोत ने यह भी कहा कि मनरेगा श्रमिकों को 31 मार्च तक कार्यस्थल पर आने से रोक दिया जाए और इस अवधि में उनके द्वारा रोजगार मांगने पर नियमानुसार मानदेय दिया जाएगा.

घर पर आइसोलेशन के निर्देश का पालन न करने पर हो कार्रवाई

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को हुई बैठक में यह भी कहा कि इस बीमारी से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है कि लोग घर पर ही रहें. जिन व्यक्तियों में इस बीमारी के लक्षण पाए गए हैं, अगर वे होम आइसोलेशन (घर पर अकेले रहने) के निर्देशों को नहीं मानते हैं, तो उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाए.

इससे पहले राज्य में 31 मार्च तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों में पैंरेंट-टीचर्स मीटिंग पर रोक लगा दी गई और साथ ही पुस्तकालय भी बंद रहेंगे.

रिपोर्ट के अनुसार, 25 मार्च से होने वाले जीणमाता मेला और शिला देवी मेले को भी निरस्त कर दिया गया है. पुष्कर ब्रह्मा मंदिर और यहीं के नए रंगजी मंदिर में भी दर्शनार्थियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई.

जयपुर के एक दंपत्ति में कोरोना वायरस की पुष्टि

गुरुवार को जयपुर में एक दंपत्ति को कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया. अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) रोहित कुमार सिंह ने बताया कि 30 वर्षीय दंपत्ति कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया है. उन्हें सवाई मानसिंह चिकित्सालय के आईसोलेशन वार्ड में रखा गया है.

उन्होंने बताया कि दंपत्ति स्पेन से दुबई होते हुए 17 मार्च को दिल्ली पहुंचा था और फिर टैक्सी से 18 मार्च की सुबह जयपुर पहुंचा.

उन्होंने बताया कि एक घंटा होटल में रुकने के बाद उन्हें सुबह चार बजे सवाईमान सिंह चिकित्सालय भेजा गया और वहां आईसोलेशन वार्ड में रखा गया.

सिंह ने बताया कि होटल की मंजिल के कमरों को सील कर दिया गया है और उनके संपर्क  में आये लोगों की पहचान कर ली गई है.

दो चालक और चार होटल कर्मचारियों को होम आईसोलेशन में रखा गया है. अभी तक उनमें कोविड -19 के लक्षण नहीं पाये गये है.

राजस्थान में अभी तक नौ कोरोना वायरस पॉजिटिव के मामले पाये गये हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)