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केंद्र ने राज्यों से कहा, स्कूल बंद होने से घरों में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराएं या भत्ता दें

सुप्रीम कोर्ट ने इस सप्ताह राज्य सरकारों को नोटिस देकर पूछा था कि वे यह बताएं कि कोरोना वायरस की वजह से स्कूल बंद हैं. ऐसे में वे बच्चों को मिड-डे मील देना कैसे सुनिश्चित करेंगे. इसके बाद केंद्र सरकार का यह आदेश आया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्लीः मानव संसाधन एवं विकास (एचआरडी) मंत्रालय ने कक्षा एक से लेकर आठवीं तक के सभी छात्रों को गर्म पका हुआ मिड-डे मील (एमडीएम) मुहैया कराने के राज्य सरकारों को आदेश दिए हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय का कहना है कि कोरोना वायरस की वजह से स्कूल बंद होने से बच्चों को मिड-डे मील नहीं मिल पा रहा है, ऐसे में राज्य बच्चों को घर पर ही भोजन मुहैया कराएं या उन्हें खाद्य सुरक्षा भत्ता दें.

बता दें कि केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के मद्देनजर 16 मार्च को सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया था.

हालांकि दिल्ली और केरल जैसे कुछ राज्यों ने स्कूलों को 31 मार्च तक बंद रखने के केंद्र सरकार के ऐलान से पहले ही स्कूलों को बंद कर दिया था.

केरल स्कूल बंद होने की वजह से घर पर रह रहे छात्रों को पहले से ही गर्म पका हुआ खाना मुहैया करा रहा है. पश्चिम बंगाल ने भी गुरुवार को इसी तरह की घोषणा की.

एचआरडी मंत्रालय का यह फैसला इस सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के बाद आया है, जिसमें अदालत ने सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर उनसे पूछा था कि वे स्कूल बंद होने की वजह से बच्चों को मिड-डे मील किस तरह मुहैया कराएंगे.

एचआरडी मंत्रालय के संयुक्त सचिव आरसी मीणा द्वारा शुक्रवार को सभी राज्य सरकारों को लिखे गए पत्र में कहा गया, ‘जैसा कि देश कोविड-19 की वजह से मुश्किल भरे दौर से गुजर रहा है. ऐसे में राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों को सलाह दी जाती है कि कोरोना वायरस की वजह से स्कूल बंद होने तक वे सहूलियत के हिसाब से या तो बच्चों को गर्म पका हुआ मिड डे मील मुहैया कराएं या उन्हें फूड सिक्योरिटी अलाउंस दें.’

मालूम हो कि एमडीएम योजना में सरकारी स्कूलों, सरकार की सहायता से चल रहे स्कूलों के कक्षा एक से आठवीं तक के छात्रों, सर्वशिक्षा अभियान समर्थित मदरसों और मकतबों सहित विशेष प्रशिक्षण केंद्रों को शामिल किया गया है.

मौजूदा समय में इस योजना के तहत 9.17 करोड़ छात्रों को भोजन मिल रहा है.