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कोरोना वायरस: देश में कल लगेगा जनता कर्फ्यू, संक्रमण के मामले 300 तक पहुंचे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए रविवार 22 मार्च को ‘जनता कर्फ्यू’ का अनुपालन करने की अपील लोगों से की थी. सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में 22 मार्च से खानपान सेवाओं पर रोक. स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पतालों से पर्याप्त संख्या में मास्क और वेंटिलेटर खरीदने को कहा.

Mumbai: Passenger wearing mask amid coronavirus outbreak is seen at International Airport in Mumbai, Friday, March 20, 2020. (PTI Photo)(PTI20-03-2020_000256B)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: रविवार 22 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनता कर्फ्यू की अपील से पहले शनिवार को उन्होंने सभी नागरिकों से गैरजरूरी यात्रा करने से बचने और अपने शहर व कस्बों में रहने की अपील की है.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, ‘हमारी ओर से किया गया हर छोटा सा प्रयास बड़ा असर छोड़ जाएगा.’

गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी ने बीते 19 मार्च को राष्ट्र को संबोधित करते हुए कोरोना वायरस से निपटने के लिये रविवार 22 मार्च को ‘जनता कर्फ्यू’ का अनुपालन करने की अपील की थी.

इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बताया गया है कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों की संख्या बढ़कर तकरीबन 300 हो गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के 298 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से चार लोगों की अब तक मौत हो चुकी है और 22 लोग को ठीक कर दिया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को इटली में 627 लोगों की मौत कोरोना वायरस से होने के साथ अब इस महामारी से विश्व में मरने वालों की संख्या तकरीबन 11,399 पहुंच गई है. वह इसके संक्रमण से तकरीबन 2,75,000 लोग पूरे विश्व में पीड़ित है.

वहीं कोरोना वायरस के केंद्र रहे चीन के वुहान शहर में इसका कोई मामला सामने नहीं आया है. रिपोर्ट के अनुसार, इटली में अब तक तकरीबन 4,032, चीन में तकरीबन 3,139, ईरान में तकरीबन 1,433 और स्पेन में तकरीबन 1,093 लोगों की मौत हो चुकी है.

रेलवे ने ट्रेन सेवा रोकने की घोषणा की, 22 मार्च को 3700 ट्रेनें नहीं चलेंगी

लाइव मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे की ओर से निर्देश जारी कर कहा गया है कि कोई भी यात्री अथवा एक्सप्रेस ट्रेन शनिवार आधी रात से रविवार रात 10 बजे तक किसी भी स्टेशन से रवाना नहीं की जाएगी.

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रेलवे में रविवार को 3700 ट्रेनें रद्द करने की घोषणा की है. इनमें लोकोमोटिव, लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं, जो रविवार को रवाना होती हैं.

इसके अलावा सभी उपनगरीय ट्रेन सेवाएं भी बहुत कम कर दी जाएंगी.

रेलवे ने यात्रियों की कम संख्या और कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर 20 से 31 मार्च के बीच चलने वाली 90 ट्रेनें रद्द कर दी हैं. सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

इसके साथ ही रद्द की गईं ट्रेनों की संख्या बढ़कर 245 हो गई है. इससे पहले बृहस्पतिवार को रेलवे ने 84 ट्रेंने रद्द करते हुए कहा था कि कोरोना वायरस के चलते 155 ट्रेनें रद्द की जा चुकी हैं.

सूत्रों ने कहा, ‘जिन लोगों ने इन ट्रेनों में टिकट बुक कराए थे, उन्हें व्यक्तिगत रूप से इसकी जानकारी दी जा रही है. इन ट्रेनों में टिकट रद्द होने का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. यात्रियों को पूरा पैसा वापस मिलेगा.’

उन्होंने कहा, ‘सामाजिक दूरी सुनिश्चित करना जरूरी है. हम केवल कम यात्रियों वाली ट्रेनें ही रद्द कर रहे है.’

इससे पहले जनता कर्फ्यू के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो ने भी 22 मार्च को अपनी सेवाएं स्थगित करने का फैसला लिया था.

सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में 22 मार्च से खानपान सेवाओं पर रोक

कोरोना वायरस के चलते भारतीय रेलवे खान-पान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में 22 मार्च से अगले नोटिस तक खान-पान सेवाएं बंद करने का आदेश दिया है.

रेलवे की सहायक कंपनी आईआरसीटीसी ने शुक्रवार को जारी आदेश में कहा कि उसने सभी फूड प्लाजा, जन आहार और रसोई को अगले नोटिस तक के लिए बंद करने का फैसला किया है.

New Delhi: Railway workers disinfect the coaches of Delhi –Jammu Rajdhani Express train in wake of coronavirus pandemic at New Delhi Railway Station, Sunday, March 15, 2020. (PTI Photo/Arun Sharma)(PTI15-03-2020_000118B)

(फोटो: पीटीआई)

आदेश के मुताबिक, प्रीपेड ट्रेनों में भोजन की आपूर्ति करने वाली स्थिर इकाइयां काम करना जारी रख सकती हैं. हालांकि, मेल एक्सप्रेस ट्रेनों और ट्रेन साइड वेंडिंग (टीएसवी) ट्रेनों की खान-पान सेवाओं को बंद रखना चाहिए.

इसमें यह भी कहा गया कि अगर ट्रेनों में दी जाने वाली सेवाओं की मांग होती है तो सिर्फ प्रोपराइटी आर्टिकल डिपो (पीएडी) वस्तुएं, चाय और कॉफी ट्रेनों में बेचे जाने की इजाजत दी जा सकती है. आदेश के मुताबिक, ये निर्देश 22 मार्च से लागू होंगे.

गो एयर ने रविवार की अपनी सभी उड़ानें रद्द कीं

विमानन सेवा कंपनी ‘गो एयर’ ने रविवार को जनता कर्फ्यू के दिन स्वेच्छा से अपनी सभी उड़ानें रद्द करने की घोषणा की है.

एयरलाइन ने शुक्रवार को कहा, ‘गो एयर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तावित जनता कर्फ्यू के समर्थन में रविवार 22 मार्च को स्वेच्छा से अपनी सभी उड़ानें रद्द करने का फैसला लिया है.’

वहीं गो एयर और इंडिगो के बाद विस्तारा ने भी रविवार को अपनी घरेलू उड़ानों में कटौती करने का ऐलान किया. एयरलाइन के प्रवक्ता ने कहा, ‘जनता कर्फ्यू के मद्देनजर विस्तारा 22 मार्च को अपनी उड़ानों में कटौती करेगा. उड़ानें रद्द होने से प्रभावित यात्रियों से जल्द संपर्क किया जाएगा.’

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पतालों से पर्याप्त संख्या में मास्क और वेंटिलेटर खरीदने को कहा

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पतालों और चिकित्सा शिक्षा संस्थानों को पर्याप्त संख्या में वेंटिलेटर और ऑक्सीजन के उच्च प्रवाह वाले मास्क खरीदने के लिए कहा है और उन्हें अपने-अपने परिसरों में सभाओं व लोगों की भीड़ को कम करने की सलाह दी है.

मंत्रालय द्वारा जारी एक परामर्श में कहा गया कि रोगियों के किसी भी संभावित प्रवाह के लिए देश में चिकित्सा ढांचे को तैयार करने की आवश्यकता है.

परामर्श के अनुसार, गैर-जरूरी (जिनकी तत्काल आवश्कता नहीं है) सर्जरी को स्थगित कर दिया जाना चाहिए.

परामर्श में कहा गया कि सार्वजनिक और निजी अस्पताल में पृथक इकाइयों की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कुछ बेड अतिरिक्त रखने चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ठीक हालत वाले रोगियों को जल्द से जल्द छुट्टी दे दी जाए जबकि नए प्रवेश (स्थिर हालत वाले रोगियों के) को भी प्रतिबंधित करें.

इसमें कहा गया है कि सभी डॉक्टरों, नर्सों और विभिन्न इकाइयों के सहायक कर्मचारियों को संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण अभियानों में लगाए और उन्हें प्रशिक्षित किया जाए.

कहा गया है, ‘आगे की तैयारियों के लिए अस्पतालों को पर्याप्त संख्या में वेंटिलेटर और ऑक्सीजन मास्क खरीदकर रखने चाहिए.’ परामर्श में कहा गया, ‘सभी अस्पतालों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके पास वेंटिलेटर/आईसीयू के लिए पर्याप्त प्रशिक्षित श्रमशक्ति और संसाधन हों.’

जनता कर्फ्यू के दिन भी दिल्ली के शाहीन बाग की महिलाएं करेंगी प्रदर्शन

दिल्ली के शाहीन बाग में महिला प्रदर्शनकारी रविवार को ‘जनता कर्फ्यू’ के दिन भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगी. नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में महिलाओं ने दिसंबर के मध्य से ही दक्षिण-पूर्वी दिल्ली से नोएडा को जोड़ने वाली सड़क का एक साइड अवरूद्ध कर रखा है.

सोमवार को, दिल्ली सरकार ने कहा था कि कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर 50 से अधिक लोगों वाले समारोहों की अनुमति नहीं है, जिसकी संख्या घटाकर अब 20 कर दी गई है.

प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को बताया कि किसी भी समय 50 से अधिक महिलाएं विरोध प्रदर्शन नहीं कर रही हैं. एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘रविवार को, हम छोटे टेंटों के नीचे बैठेंगे. केवल दो महिलाएं प्रत्येक टेंट के नीचे बैठेंगी और अपने बीच एक मीटर से अधिक दूरी बनाए रखेंगी.’

एक अन्य प्रदर्शनकारी रिजवाना ने कहा कि महिलाएं हर सावधानी बरत रही हैं और वे हर समय बुर्के में ढकी रहती हैं. उन्होंने कहा, ‘नियमित रूप से हाथ धोना हमारी जीवनशैली का हिस्सा है. हम दिन में पांच बार नमाज अदा करते हैं और हर बार हाथ धोते हैं.’

प्रदर्शन के प्रमुख आयोजकों में से एक तासीर अहमद ने कहा कि पर्याप्त संख्या में सैनिटाइटर और मास्क की व्यवस्था की गई है और प्रदर्शन स्थल को नियमित अंतराल पर संक्रमण-मुक्त किया जा रहा है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)