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छत्तीसगढ़: नक्सलियों से मुठभेड़ के बाद लापता हुए 17 जवानों के शव बरामद, हथियार लूटे गए

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि छत्तीसगढ़ के मिनपा गांव के जंगल में नक्सलरोधी कार्रवाई के दौरान जवानों पर लगभग 250 की संख्या में नक्सलियों ने हमला कर दिया. मुठभेड़ के दौरान आठ से नौ नक्सलियों को मार गिराया है और इतने ही संख्या में नक्सली घायल भी हुए हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: पीटीआई)

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: पीटीआई)

रायपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में लापता 17 जवानों के शव बरामद कर लिए गए हैं.

छत्तीसगढ़ के डीजीपी दुर्गेश अवस्थी ने कहा, ‘हमने सभी 17 शवों को बरामद कर लिया है. ये सभी छत्तीसगढ़ से हैं. हमारे लोग पांच घंटे से अधिक भारी आग की चपेट में आ गए, और उन्होंने बहादुरी से लड़ाई लड़ी.’

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि शनिवार को सुकमा जिले के एलमागुड़ा में नक्सली गतिविधियों की सूचना के बाद चिंतागुफा, बुरकपाल और तिमेलवाड़ा से डीआरजी, एसटीएफ और सीआपीएफ के कोबरा बटालियन के छह सौ जवानों को रवाना किया गया था.

उन्होंने बताया कि जब सुरक्षा बल के जवान मिनपा गांव के जंगल में थे तब लगभग 250 की संख्या में नक्सलियों ने जवानों पर हमला कर दिया. इस घटना में 15 जवान घायल हो गए थे.

लगभग ढाई घंटे तक दोनों ओर से गोलीबारी होने के बाद नक्सली वहां से फरार हो गए थे.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के दौरान आठ से नौ नक्सलियों को मार गिराया है और इतने ही संख्या में नक्सली घायल भी हुए हैं.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस घटना के बाद 17 जवान लापता हो गए थे. बाद में सुरक्षा बलों ने लापता जवानों की खोज में खोजी अभियान चलाया था. आज लापता जवानों के शव बरामद कर लिए गए. शहीद जवानों के शवों को जंगल से बाहर निकाला जा रहा है.

इससे पहले पुलिस अधिकारियों ने इस घटना में 14 जवानों के घायल होने और 13 जवानों के लापता होने की सूचना दी थी.

मुठभेड़ में घायल जवानों को रायपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इनमें से दो की हालत गंभीर है.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद से 16 हथियार भी गायब है जिसमें एके 47 और अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर जैसे हथियार शामिल हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में हुए माओवादी हमले की रविवार को यह कहते हुए निंदा की कि सुरक्षाकर्मियों के पराक्रम को नहीं भुलाया जाएगा.

मोदी ने ट्वीट किया, ‘छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए माओवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं. हमले में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को मेरी श्रद्धांजलि. उनका पराक्रम कभी भुलाया नहीं जाएगा.’

उन्होंने इन शहीदों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की. उन्होंने कहा, ‘ मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.’

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री बघेल ने जवानों की शहादत पर गहरा दुःख प्रकट किया है. उन्होंने शहीद जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घटना में घायल जवानों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की है.

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री बघेल 23 मार्च को रायपुर से हेलीकॉप्टर से सुकमा पहुंचेंगे और वहां शहीद जवानों को श्रध्दांजलि देंगे.

सुकमा जिले में यह नक्सली हमला इस वर्ष का सबसे बड़ा नक्सली हमला है. इससे पहले 2017 में करीब के बुरकापाल क्षेत्र में नक्सलियों ने सीआरपीएफ के 25 जवानों की हत्या कर दी थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)