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बचत खातों में न्यूनतम राशि से छूट, किसी भी एटीएम से पैसा निकालने पर नहीं लगेगा शुल्क

कोरोना वायरस को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र के बैंक समेत सभी बैंक अगले तीन महीने तक खाते में न्यूनतम राशि रखने और अन्य बैंक के ग्राहकों द्वारा एटीएम से पैसा निकालने पर लगने वाले शुल्क से छूट देंगे.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण. (फोटो: पीटीआई)

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के बीच लोगों को राहत दी है. अब दूसरे बैंक के एटीएम से कितनी भी बार धन निकासी करने पर शुल्क नहीं लगेगा और खाताधारकों को उनके खातों में न्यूनतम राशि बनाए रखने से भी छूट दी गयी है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन उपायों की घोषणा करते हुए कहा कि ये छूट 30 जून तक जारी रहेगी.

निजी क्षेत्र के बैंक समेत सभी बैंक अगले तीन महीने तक खाते में न्यूनतम राशि रखने और अन्य बैंक के ग्राहकों द्वारा एटीएम से पैसा निकालने पर लगने वाले शुल्क से छूट देंगे.

वित्त मंत्री ने कहा कि तीन महीने तक डेबिट कार्ड से किसी बैंक के एटीएम से पैसा निकालने पर किसी तरह का चार्ज नहीं लगेगा. इसके अलावा बैंकों में न्यूनतम राशि के नियम से भी लोगों को राहत दी गई है.

उन्होंने कहा कि तीन महीने तक न्यूनतम राशि के नियम से छूट मिलेगी. यानी कि अगर आपके खाते में जमा रकम न्यूनतम राशि से कम हो जाती है तो भी बैंक आप पर किसी तरह का जुर्माना नहीं लगाएगा.

उन्होंने कहा, ‘इस समय यह छूट तीन महीने के लिए है. आने वाले समय में हम स्थिति पर विचार करेंगे और उसके अनुसार निर्णय करेंगे.’

वित्त मंत्री ने सभी व्यापार वित्त ग्राहकों के लिए डिजिटल कारोबार सौदे को लेकर बैंक शुल्क कम करने की भी घोषणा की है. डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है.

वित्त मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्य मंत्रालय के संदर्भ में विभिन्न अनुपालनों और प्रक्रियाओं के लिए समयसीमा को बढ़ाया जाएगा.

उन्होंने यह भी कहा कि एपीएफ श्रिंप ब्रॉडस्टॉक और अन्य कृषि कच्चे माल के लिए सभी ‘सैनेटरी इम्पोर्ट परमिट’ (एसआईपी) जो एक मार्च से 14 अप्रैल के बीच समाप्त होगें उन्हें भी तीन महीने के लिए बढ़ाया जा रहा है. एसआईपी पशुधन और पशुधन उत्पादों के आयात की अनुमति देता है.

वित्त मंत्री ने कहा कि खेप आने में एक महीने तक की देरी को स्वीकर किया जाएगा.

कोरोना वायरस पाबंदी की वजह से कर रिटर्न की समयसीमा 30 जून तक बढ़ाई गई

करदाताओं को राहत देते हुए सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 की आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को इस फैसले की जानकारी दी.

इसके साथ ही देरी से कर भुगतान पर लगने वाली ब्याज की दर को भी 12 प्रतिशत से घटाकर 9 प्रतिशत वार्षिक कर दिया गया है.

सीतारमण ने कहा कि सरकार ने स्थायी खाता संख्या (पैन) को विशिष्ट पहचान संख्या आधार के साथ जोड़ने की अंतिम तिथि को भी 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया है.

कोरोना वायरस फैलने से रोकने की वजह से देश के कई राज्यों में तमाम गतिविधियों को बंद किया गया है. उन्होंने कहा कि बढ़ी समयसीमा के भीतर जो भी इस योजना का लाभ उठायेंगे उन्हें मूल कर राशि पर 10 प्रतिशत ब्याज नहीं देना होगा.