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कोरोना वायरस: झारखंड में लोगों को घर में रहने की सलाह देने पर दुकानदार की पीट-पीटकर हत्या

घटना झारखंड के पलामू ज़िले के चाक उदयपुर की है. पुलिस ने बताया कि विभिन्न शहरों से चार मज़दूर अपने गांव लौटे थे, जिन्हें जांच के बाद 14 दिन तक अपने घर में क्वारंटाइन रहने का निर्देश दिया गया था. लेकिन वे घूमते हुए एक दुकान पर पहुंच गए थे.

(फोटो: रॉयटर्स)

(फोटो: रॉयटर्स)

पलामू: कोरोना वायरस के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए कहने पर झारखंड में एक दुकानदार की पीट-पीटकर मार डालने का मामला सामने आया है.

एनडीटीवी के मुताबक यह घटना बुधवार को पलामू जिले के चाक उदयपुर की है. 45 वर्षीय युवक काशी साव ने गांव के चार लोगों को गांव में घूमने की बजाय घर में क्वारंटाइन रहने के लिए सलाह दी थी.

काशी एक किराने की दुकान चलाता है और ये हमलावर उसकी दुकान पर पहुंचे थे और फिर वहां पर तोडफ़ोड़ की गई थी. यहीं पर उसे पीटा गया और बाद में गंभीर हालात में उसे अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, गंभीर चोट आने के कारण काशी साव ने दम तोड़ दिया.

हिंदुस्तान कॉम के मुताबिक, पलामू के एसपी अजय लिंडा ने बुधवार को बताया कि हैदराबाद और बेंगलुरु से रविवार को अपने गांव चक-उदयपुर लौटे चार मजदूरों- राजन साव, आशीष साव, छोटू साव व विक्की साव की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच पाटन प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में की गई थी.

उन्हें 14 दिन तक अपने घर में क्वारंटाइन रहने का निर्देश दिया गया था. लेकिन वे मंगलवार की शाम गांव में घूमते हुए काशी साव की दुकान पर पहुंच गए. काशी ने उन्हें कोरोना संक्रमण का हवाला देते हुए गांव में घूमने से मना किया. इसको लेकर उनके बीच बहस हो गई.

दैनिक जागरण के मुताबिक दूसरे दिन मंझिगांव पंचायत की मुखिया रूदावती के पति सह पूर्व मुखिया प्रदीप यादव ने 24 मार्च की सुबह दोनों पक्ष के बीच समझौता कराया. इसके बावजूद विवाद नहीं थमा. अंत में मामला थाना पहुंचा. काशी साव का भतीजा कृष्णा साव, अनिल साव व पुत्र राकेश साव ने मंगलवार को पंडवा थाने में विवाद की लिखित जानकारी दी.

इसी दिन शाम मेें रविंद्र साव, कुंजबिहारी साव, जितेंद्र साव, विक्की साव, छोटू साव, गुड्डू साव, राजेश साव, मनोज साव व विजय साव ने काशी साव समेत उनके परिवार पर हमला कर दिया.

मारपीट में काशी साव बुरी तरह घायल हो गए, जिन्हें पीएमसीएच में भर्ती कराया गया. जहां इलाज के दौरान बुधवार की सुबह उनकी मौत हो गई. इस घटना में काशी साव और पुत्र राकेश के अलावा राजेंद्र साव व बिहारी साव गंभीर रूप से घायल हो गए.

वहीं, काशी साव के भतीजा कृष्णा प्रसाद ने थाने में एक महिला समेत 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. एसपी ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है.

बता दें कि कोरोना वायरस के बढ़ते संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 24 मार्च की आधी रात से देशभर में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की थी. इस दौरान किसी को भी बाहर नहीं निकलने और घरों में ही रहने की हिदायत दी गई है.