भारत

कोरोना: निर्मला सीतारमण ने 1.75 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित राहत पैकेज में उन योजनाओं की भी राशि शामिल है जो पहले से ही चली आ रही हैं और तय समय पर उन्हें जारी किया जाना था.

New Delhi: Finance Minister Nirmala Sitharaman addresses a press conference after presenting the Union Budget 2019-20, in New Delhi, Friday, July 5, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI7_5_2019_000138B)

(फाइल फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में लागू लॉकडाउन के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को 1.75 लाख करोड़ रुपये के पैकेट की घोषणा की. वित्त ने कहा कि ये पैकेज गरीबों के कल्याण के लिए है और इसे गरीब कल्याण योजना के तहत घोषित किया गया.

वित्त मंत्री ने कहा कि ये पैकेज ज्यादातर असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों खासकर दिहाड़ी मजदूरों और गरीबों के लिए लाभकारी होगा. हालांकि वित्त मंत्री द्वारा घोषित राशि में पीएम-किसान, उज्ज्वला योजना जैसी उन योजनाओं की भी राशि शामिल है जोकि पहले से ही चल रही हैं और तय समय पर उसको जारी किया जाना था.

सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘प्रवासी मजदूरों और शहरी और ग्राणीण गरीबों जैसे लोगों को तुरंत सहायता देने के लिए एक पैकेज तैयार किया गया है. कोई भी भूखा नहीं रहेगा. इस पैकेज की राशि 1.7 लाख करोड़ रुपये की है.’

वित्त मंत्री ने कहा कि 80 करोड़ गरीबों या दो तिहाई जनसंख्या को अगले तीन महीने पांच कीलो चावल और गेहूं मुफ्त मिलेगा. ये पहले से मिल रहे पांच किलो के ऊपर होगा. इसके साथ ही हर महीने एक किलो दाल भी मिलेगा.

इसके अलावा अगले तीन महीने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों जैसे कि डॉक्टरों, आशा वर्कर आदि के लिए 50 लाख रुपये का बीमा होगा. उन्होंने कहा, ‘तीन महीने के लिए चिकित्सा बीमा कवर के रूप में प्रति स्वास्थ्य कर्मचारी के लिए 50 लाख रुपये का बीमा होगा. उम्मीद है, हम इस अवधि में वायरस को रोकने में सक्षम होंगे.’

निर्मला सीतारमण के प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सेंसेक्स 1500 अंक ऊपर गया और डॉलर के मुकाबले रुपये में 64 पैसे का उछाल आया.

वित्त मंत्री ने कहा कि 8.69 करोड़ किसानों को पीएम किसान योजना के तहत अप्रैल महीने के पहले हफ्ते में 2,000 रुपये दिए जाएंगे. हालांकि इस घोषणा में कोई खास बात नहीं है क्योंकि सीतारमण के कहे बिना भी इस योजना के तहत अप्रैल में ये राशि दी जाने वाली ही थी. ये बाते योजना के नियम में लिखी हुई हैं.

इसके अलावा 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों, विधवा और शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को अगले तीन महीने में दो किस्त में 1,000 रुपये दिए जाएंगे. उन्होंने कहा, ‘इससे तीन करोड़ गरीव वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को फायदा होगा.’

इसके अलावा जन धन खाताधारक 20 करोड़ महिलाओं को अगले तीन महीने में हर महीने 500 रुपये दिए जाएंगे ताकि वे घर का काम चला सकें. इसके अलावा महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए कोलैट्रल-फ्री लोन की राशि बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है. वित्त मंत्री ने कहा कि इससे सात करोड़ परिवारों को फायदा होगा.

इस बीच निर्मला सीतारमण ने कहा कि 8.3 करोड़ बीपीएल परिवरों की सहायता के लिए अगले तीन महीने उज्जवला लाभार्थियों को मुफ्त में एलपीजी सिलेंडर दिए जाएंगे.

संगठित क्षेत्रों के लिए वित्त मंत्री ने कहा कि अगले तीन महीने के लिए ईपीएफ में नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के पैसे भारत सरकार अदा करेगी. उन्होंने कहा, ‘यह उन सभी 100 कर्मचारियों तक के संगठनों के लिए होगा जिनके 90 फीसदी लोगों की कमाई 15,000 रुपये से कम है.’

इसके अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत मनरेगा मजदूरों को एक अप्रैल 2020 से प्रतिदिन 20 रुपये बढ़ाकर दिए जाएंगे.