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लॉकडाउन की समयसीमा बढ़ाने की कोई योजना नहीं: कैबिनेट सचिव

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए देशव्यापी लॉकडाउन को 21 दिन के बाद भी बढ़ाए जाने की खबरों पर कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने यह टिप्पणी की.

शुक्रवार 22 दिसंबर को गुवाहाटी में मीडिया को संबोधित करते केंद्रीय गृह सचिन राजीव गाबा (फोटो: पीटीआई)

कैबिनेट सचिव राजीव गौबा (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन के छठें दिन कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने कहा कि केंद्र सरकार की लॉकडाउन की समयसीमा को बढ़ाने की कोई योजना नहीं है.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए देशव्यापी लॉकडाउन को 21 दिन के बाद भी बढ़ाए जाने की खबरों पर गौबा ने कहा, ‘मैं ऐसी खबरें देखकर आश्चर्यचकित हूं. लॉकडाउन की समयसीमा को बढ़ाने की ऐसी कोई योजना नहीं है.’

बता दें कि, दुनियाभर को अपनी चपेट में ले चुके कोरोना वायरस के भारत में रविवार शाम तक 1000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. वहीं, मृतकों की संख्या बढ़कर 27 पहुंच चुकी है.

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) रविवार तक कोरोना वायरस के 34,931 पुष्ट मामलों की जांच कर चुका है.

वहीं, केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से सभी राज्य और जिला सीमाओं को प्रभावी रूप से सील करने के लिए कहा और कहा कि पहले ही एक जगह से दूसरी जगह जा चुके लोगों को 14 दिनों के क्वारंटाइम में रखा जाए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने ‘मन की बात’ रेडियो प्रसारण में सख्त राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण हुई कठिनाइयों के लिए देश से माफी मांगते हुए कहा कि यह आवश्यक था क्योंकि देश जीवन और मृत्यु के बीच लड़ाई लड़ रहा था.

इसके साथ ही उन्होंने इस वायरस को परास्त करने की जंग में जीत का भरोसा जताया और इस लड़ाई में प्रमुख भूमिका निभा रहे डॉक्टरों व अन्य के साथ आम जनता को जरूरत की चीजें उपलब्ध कराने वालों की भी प्रशंसा की.

वहीं, सरकार ने आवश्यक और गैर-आवश्यक सभी श्रेणियों के सामानों की आवाजाही की अनुमति देकर लॉकडाउन में कुछ और छूट देने की घोषणा की है.

नरेंद्र मोदी सरकार ने रविवार को कोरोना वायरस संकट के प्रतिकूल प्रभाव से निपटने के लिए एक व्यापक योजना बनाने और क्रियान्वित करने के लिए 11 समूह का गठन करने को कहा.