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मेघालय में स्वास्थ्य आधार पर शराब की होम डिलीवरी को मंज़ूरी

मेघालय सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, इसके लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जिस पर 21 साल या इससे अधिक उम्र के लोग अपने मेडिकल प्रेस्क्रिप्शन को अपलोड कर और संबंधित जिलों में अधिकृत शराब के गोदामों से इसे ऑर्डर कर सकते हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

गुवाहाटी: कोरोना वायरस से सुरक्षा के मद्देनजर देशभर में बीते 25 मार्च से लागू लॉकडाउन आठ दिन हो चुके हैं. पूर्वोत्तर के राज्यों में इस महामारी के संक्रमण के अब तक दो मामले दर्ज किए गए हैं.

लॉकडाउन के मद्देनजर असम ने जहां गरीबों को राहत देने के उद्देश्य से कुछ ऐलान किए हैं, वहीं मेघालय में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य आधार पर जरूरतमंदों को शराब की होम डिलीवरी करने की मंजूरी दे दी है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मेघालय के आबकारी आयुक्त बी. सियामिह द्वारा लिखित एक पत्र में कहा है, ‘राज्य सरकार ने मेडिकल प्रेस्क्रिप्शन के आधार पर ही स्वास्थ्य कारणों से जरूरतमंदों को शराब की होम डिलीवरी की मंजूरी दी.’

सरकार ने 14 अप्रैल तक शराब की होम डिलीवरी के आदेश दिए हैं.

दिशानिर्देशों के मुताबिक, इसके लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जिस पर 21 साल या इससे अधिक उम्र के लोग अपने मेडिकल प्रेस्क्रिप्शन को अपलोड कर सकते हैं और संबंधित जिलों में  अधिकृत शराब के गोदामों से इसे ऑर्डर कर सकते हैं.

इस बीच असम सरकार ने ऐलान किया है कि 58 लाख परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत एक अप्रैल से निशुल्क चावल उपलब्ध कराए जाएंगे. यह फैसला सोमवार रात को कैबिनेट बैठक में लिया गया.

इसके साथ ही सरकार ऐसे परिवारों को 1,000 रुपये की नकद धनराशि देंगे, जिनके पास एनएफएसए कार्ड नहीं हैं.

इसके साथ ही लगभग 2.7 लाख पंजीकृत मजदूरों को राज्य सरकार 1,000 रुपये भी देगी.

वहीं, सरकार ने क्षेत्र में वार्षिक बाढ़ को ध्यान में रखते हुए एक अप्रैल से निर्माण और मरम्मत का काम तेज करने का फैसला किया है.

असम की सर्बानंद सोनावाल सरकार ने लॉकडाउन के बीच कई तरह की रियायतें भी दी हैं, जो एक अप्रैल से लागू हो रही हैं. राज्य में चावल और आटा मिल के साथ बिस्कुट फैक्ट्रियों को संचालन की अनुमति दी गई है.