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कोरोना: एयर इंडिया ने रद्द किए 200 अस्थायी कर्मचारियों के अनुबंध

एयर इंडिया के एक अधिकारी ने बताया कि सभी विमानों का संचालन बंद होने से पिछले कुछ सप्ताह में एयरलाइन के राजस्व में बड़ी गिरावट आई है, जिसे देखते हुए एयरलाइन ने कुछ पायलटों समेत 200 कर्मचारियों के अनुबंध निलंबित कर दिए गए हैं जिन्हें सेवानिवृत्ति के बाद नियुक्ति दी गई थीं.

फोटो: रॉयटर्स

फोटो: रॉयटर्स

नई दिल्ली: एयर इंडिया ने बृहस्पतिवार को अपने करीब 200 अस्थायी कर्मचारियों के अनुबंध निलंबित कर दिए, जिनमें कुछ पायलट भी हैं.

सेवानिवृत्त होने के बाद इन कर्मियों को दोबारा नियुक्त किया गया था. कोरोना वायरस की वजह से देशव्यापी बंद के मद्देनजर देश में 14 अप्रैल तक सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हैं.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी विमानों का संचालन बंद है जिससे एयरलाइन के राजस्व में पिछले कुछ सप्ताह में बड़ी गिरावट आई है. इसे देखते हुए एयरलाइन ने कुछ पायलटों समेत 200 कर्मियों के अनुबंध निलंबित कर दिए गए हैं जिन्हें सेवानिवृत्ति के बाद नियुक्त किया गया था.

ऑउटलुक के मुताबिक इससे पहले एयर इंडिया ने पिछले महीने कहा था कि मार्च 2020 से अगले तीन महीने की अवधि के लिए केबिन क्रू को छोड़कर सभी कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों में 10 फीसदी की कटौती की जाएगी.

इसके अलावा प्राइवेट एयरलाइन इंडिगो भी सभी वरिष्ठ कर्मचारियों के वेतन में कटौती कर चुका है. 19 मार्च को इंडिगो के सीईओ ने रनंजय दत्ता ने अपने वेतन में 25 फीसदी कटौती की घोषणा की थी.

वहीं, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट और अन्य उच्चाधिकारियों के वेतन में 20 फीसदी, कॉकपिट स्टाफ के वेतन में 15 फीसदी कटौती की गई. इसके अलावा असिस्टेंट वाइस प्रेसीडेंट और केबिन क्रू का वेतन 10 फीसदी और बैंड सी के वेतन में 5 फीसदी की कटौती हुई.

फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस इन इंडियन ट्यूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी (एफएआइटीएच) केे अनुमान के मुताबिक कोरोना वायरस के कारण हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म इंडस्ट्री में करीब 3.8 करोड़ लोग बेरोजगार हो सकते हैं जो इस सेक्टर के कुल कर्मचारियों का 70 फीसदी है.

इससे पहले गो एयर ने अपने सभी कर्मचारियों के मार्च के वेतन में कटौती करने की बात कही थी.

गो एयर ने कहा था कि कोरोना वायरस महामारी ने विमानन क्षेत्र के राजस्व पर भारी असर डाला है और इसलिए सभी कर्मचारियों के मार्च के वेतन में कटौती की जाएगी. इससे पहले उनके द्वारा शीर्ष नेतृत्व के वेतन में 50 प्रतिशत तक की कटौती की बात कही गई थी.

बता दें कि अब तक पूरे देश में कोरोना वायरस संक्रमण के 2,301 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें 155 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 53 लोगों की मौत हो चुकी है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)