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यूपी: बलात्कारियों को पकड़ने के एवज में पुलिसकर्मी ने पीड़िता से की संबंध बनाने की मांग

सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई इस महिला का कहना है कि पुलिसकर्मी की अनुचित मांगें न मानने पर उसने मामले को बंद करने के लिए क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल की है.

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प्रतीकात्मक फोटो (साभार: Domi/ Flickr (CC BY-NC 2.0)

महिलाओं के प्रति अपराधों में कमी लाने के प्रशासन के दावे दिनबदिन खोखले साबित होते जा रहे हैं. बलात्कार, हिंसा और अपराध का शिकार हुई महिलाओं के साथ पुलिस के रवैये को लेकर सवाल उठते रहे हैं पर इस बार उत्तर प्रदेश के एक पुलिसकर्मी पर रेप पीड़िता के शोषण का आरोप लगा है.

मामला रामपुर ज़िले के गंज पुलिस थाने का है. यहां एक 37 वर्षीय महिला ने थाने के जांच अधिकारी पर आरोप लगाया है कि उसने बलात्कार करने वाले आरोपियों को पकड़ने के एवज में महिला से शारीरिक संबंध बनाने को कहा.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार गंज थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर जयप्रकाश सिंह ने इस बलात्कार पीड़ित महिला की शिकायत पर कोई कदम उठाने के पहले उसके साथ संबंध बनाने की मांग की. महिला ने इस अख़बार को बताया कि उसके साथ बलात्कार करने वाले आज़ाद घूम रहे हैं और उसकी जान को ख़तरा है. जब उसने पुलिस से उन्हें पकड़ने की गुज़ारिश की तब सब-इंस्पेक्टर सिंह ने उसके सामने यह शर्त रखी.

जब महिला ने उसकी बात मानने से इनकार कर दिया तब उसने मामले को बंद करने के लिए क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल कर दी. ये पता लगने पर महिला दोबारा इस पुलिसकर्मी के पास पहुंची और उसके साथ अपनी  बातचीत रिकॉर्ड की, जिसके बाद इस रिकॉर्डिंग को उन्होंने बुधवार 21 जून को एसपी को सौंपते हुए सब-इंस्पेक्टर के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करवाई.

ज़िले की एएसपी सुधा सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि गंज थाने के थानाध्यक्ष को इस मामले की जांच करके रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए जा चुके हैं.

पुलिस के अनुसार महिला के साथ 12 फरवरी को दो व्यक्तियों ने बलात्कार किया था, जिनमें से एक उनका परिचित था. उस समय वह एक रिश्तेदार के यहां से लौट रही थी जब उन्हें घर छोड़ने के उद्देश्य से इन दो व्यक्तियों ने उन्हें अपनी गाड़ी में लिफ्ट दी और घर पहुंचने पर उन्हें अकेला पाकर बंदूक की नोंक पर उनके साथ बलात्कार किया.

तब पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया था, स्थानीय कोर्ट के दखल के बाद ही यह महिला मुकदमा दर्ज करवा सकीं. 21 फरवरी को दोनों आरोपियों की शिनाख्त के बाद उन पर केस दर्ज हुआ, साथ ही पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान भी दर्ज करवाया.

महिला ने इस अख़बार से बातचीत में बताया कि कैसे केस दर्ज करवाने के बाद से ही सब-इंस्पेक्टर सिंह द्वारा उनका शोषण शुरू हो गया. ‘मैं जब भी आरोपियों को पकड़ने की गुज़ारिश करने के लिए सब-इंस्पेक्टर जयप्रकाश सिंह से मिली, वे शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहते. यहां तक कि उन्होंने मुझे फोन करके अकेले उनके कमरे पर आने को कहा. जब मैंने इससे इनकार कर दिया तब उन्होंने 15 दिन पहले मेरे केस की क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल कर दी.’

महिला ने यह भी बताया कि सब-इंस्पेक्टर उनसे आपत्तिजनक सवाल भी पूछते थे. उन्होंने बताया, ‘वे बार-बार रेप के सीक्वेंस के बारे में पूछते, आपत्तिजनक बातें डिटेल में बताने को कहते, फिर एक रोज़ उन्होंने कहा कि तुम पहले मेरी हसरत पूरी करो, तब मुल्ज़िम पकड़े जाएंगे.’ इससे परेशान होकर महिला ने छुपकर इस तरह की बातचीत रिकॉर्ड की और इसी रिकॉर्डिंग की सीडी एसपी को सौंपी है.

हालांकि रामपुर के एसपी विपिन टाडा का कहना है, ‘प्रथमदृष्टया तो ऑडियो क्लिप में दर्ज आवाज़ सब-इंस्पेक्टर की आवाज़ से नहीं मिल रही है लेकिन फिर भी हम महिला के आरोपों की अच्छी तरह पड़ताल करेंगे.’