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यूके में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने की मांग पर सीजेआई ने कहा- जहां हैं वहीं रहें

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो भी भारतीय बाहर के देशों में फंसे हुए हैं उन्हें फिलहाल वापस नहीं लाया जा सकता है. कोर्ट ने इन याचिकाओं पर सुनवाई चार हफ्ते के लिए स्थगित कर दी है.

(फोटो: पीटीआई)

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि जो भी भारतीय छात्र यूनाइटेड किंगडम (यूके) में फंसे हुए हैं उन्हें फिलहाल वापस नहीं लाया जा सकता है.

लाइव लॉ के मुताबिक यूके में भारतीय छात्रों की मदद के लिए की कार्रवाई पर केंद्र सरकार द्वारा दायर हलफनामे पर संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा, ‘जहां हैं वहीं रुके रहें.’

इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूके, इरान और अन्य खाड़ी देशों में फंसे छात्रों, कामगारों, मजदूरों और मछुआरों को वहां से निकालने के लिए दायर की गईं अन्य याचिकाओं को भी सुना. कोर्ट ने इन याचिकाओं पर सुनवाई चार हफ्ते के लिए स्थगित कर दी.

वहीं खाड़ी देशों से भारतीयों को वापस लाने की मांग वाली कांग्रेस सांसद एमके राघवन की याचिका पर कोर्ट ने केंद्र से कहा कि  वे याचिकाकर्ता द्वारा इन देशों में फंसे भारतीयों की देखभाल के लिए दिए गए सुझावों पर विचार करें.

इन मामलों की सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस संकट के समय भारतीयों को वापस लाना असंभव है और भारत सरकार द्वारा दायर हलफनामा में ये बात कह दी गई है.

उन्होंने कहा, ‘पूरी दुनिया में लोगों को विस्तार मिल रहा है, मेरे हलफनामें में, मैंने स्पष्ट रूप से कहा है कि फिलहाल ये संभव नहीं है.’

कोरोना वायरस के संकमण को फैलने से रोकने के लिए पिछले महीने 26 मार्च से लागू लॉकडाउन के तहत भारत ने सभी अंतरराष्ट्रीय विमानों पर रोक लगा दी है. हालांकि ये रोक कार्गो या माल वाहक विमानों पर लागू नहीं है.