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कोरोना वायरस: बिहार में तंबाकू खाकर सार्वजनिक स्थानों पर थूकना प्रतिबंधित

बीते दिनों कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों से सार्वजनिक स्थानों पर चबाने वाले तंबाकू के इस्तेमाल और थूकने पर रोक लगाने को कहा था.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

पटनाः बिहार सरकार ने तंबाकू, खैनी और गुटका खाकर सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर प्रतिबंध लगा दिया है. अब ऐसा करने पर छह महीने की जेल या जुर्माना देना पड़ सकता है.

बिहार सरकार ने तंबाकू, खैनी और गुटका खाकर थूकने से कोरोना वायरस फैलने के खतरे के मद्देनजर यह फैसला लिया है.

राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने जारी आदेश में कहा, ‘राज्य में सार्वजनिक स्थानों जैसे सड़कों, गलियों, सरकारी या गैर सरकारी इमारतों, पुलिस स्टेशन परिसरों और सभी स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक संस्थानों आदि में तंबाकू, गुटखा, पान मसाली, बीड़ी और सिगरेट के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध है.’

उन्होंने कहा, ‘यह आदेश इसलिए दिया गया है क्योंकि इन पदार्थों को खाकर कहीं भी थूक देने से सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा है और यह संचारी बीमारी फैलने का मुख्य कारण है. कोरोना वायरस, इंसेफलाइटिस और ट्यूबरकुलोसिस जैसी कई गंभीर बीमारियों से पहले ही खतरा बना हुआ है.’

भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत सरकार के आदेश का उल्लंघन करने पर 200 रुपये के जुर्माने या छह महीने की जेल होगी. महामारी रोग अधिनियम 1897 के प्रावधानों के तहत यह प्रतिबंध लगाया गया है.

राज्य के सभी सरकारी, गैर सरकारी कार्यालयों एवं परिसरों, सभी स्वास्थ्य संस्थानों, सभी शैक्षणिक संस्थानों, थाना परिसर आदि में किसी भी प्रकार के तंबाकू पदार्थ, सिगरेट, खैनी, गुटखा, पान मसाल और जर्दा आदि के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध का निर्देश है.

आदेश के अनुसार, यदि कोई भी अधिकारी, कर्मचारी अथवा आगंतुक इसका उल्लंघन करता है तो उनके खिलाफ कानून के अनुरूप कार्रवाई होगी.

सभी जिलों के जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षकों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराने एवं उल्लंघन करने पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है. साथ ही सभी सरकारी-गैर सरकारी परिसरों में इसके बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए हैं.

बीते दिनों कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों से सार्वजनिक स्थानों पर चबाने वाले तंबाकू के इस्तेमाल और थूकने पर रोक लगाने को कहा था.

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव को भेजे पत्र में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ‘गैर धूम्ररहित चबाने वाले तंबाकू, पान मसाला और सुपारी से शरीर में लार अधिक बनने लगती है और इससे थूकने की अत्याधिक इच्छा होती है. सार्वजिनक स्थानों पर थूकने से कोरोना वायरस के प्रसार में तेजी आ सकती है.’

इससे पहले कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते खतरे के मद्देनजर भारतीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा परिषद (आईसीएमआर) ने भी जनता से चबाने वाले तंबाकू के उत्पादों के सेवन से दूर रहने और सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूकने की अपील की थी.

आईसीएमआर ने कहा था, ‘सार्वजनिक स्थानों पर थूकना कोरोना वायरस को और फैला सकता है. महामारी के बढ़ते खतरे के मद्देनजर, यह आम जनता से अपील है कि तम्बाकू उत्पादों के सेवन और सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से परहेज करें.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)