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लॉकडाउन: देशभर में सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थलों पर मुंह ढकना अनिवार्य, थूकने पर जुर्माना

गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए ये दिशानिर्देश देशभर में जिलाधिकारियों द्वारा लागू किए जाएंगे, जिसमें आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जुर्माना लगाने के साथ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है.

(फोटो: पीटीआई)

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस पर रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 3 मई तक दूसरे चरण के लॉकडाउन की घोषणा के बाद बुधवार को गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों में कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर पूरे समय मुंह ढंकने को अनिवार्य कर दिया है.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वालों पर जुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया गया है.

गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए ये दिशानिर्देश देशभर में जिलाधिकारियों द्वारा लागू किए जाएंगे, जिसमें आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जुर्माना लगाने के साथ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है.

दिशानिर्देशों में सभी कार्यस्थलों पर तामपान स्क्रीनिंग के साथ सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने को भी कहा गया है.

गृह मंत्रालय ने दफ्तरों, कार्यस्थलों, फैक्टरियों और संस्थानों में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की है.

राष्ट्रीय निर्देशों में कहा गया है कि अब सभी सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थलों में मुंह ढकना अनिवार्य है. वहीं, विवाह या अंतिम संस्कार जैसे समारोहों की जिला अधिकारी द्वारा निगरानी की जाएगी.

इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर थूकना दंडनीय होगा. वहीं, शराब, गुटका, तम्बाकू आदि की बिक्री पर सख्त पाबंदी लगाने की बात कही गई है.

कार्यस्थलों के लिए राष्ट्रीय निर्देश में तापमान की जांच और सैनिटाइटर के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए कहा गया है. इसके साथ ही दूसरी शिफ्ट और दोपहर के भोजन के बीच एक घंटे का अंतराल रखने को कहा गया है.

65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के माता-पिता और कम से कम दो बीमारियों वाले व्यक्तियों को घर से काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है.

निर्देश में बड़ी बैठकों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, शिफ्ट के बीच सेनिटेशन कराने के लिए कहा गया है और इसके साथ निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के सभी कर्मचारियों के लिए आरोग्य सेतु के उपयोग के लिए कहा गया है.

सरकार ने यह भी कहा है कि सभी क्षेत्रों में काम करने के स्थान, विशेष रूप से प्रवेश द्वार, कैफेटेरिया, मीटिंग रूम और कॉन्फ्रेंस हॉल, उपकरण और लिफ्ट, शौचालय और पानी के बिंदु और दीवारें और अन्य सतहों को कीटाणुरहित किया जाना चाहिए.

बाहर से आने वाले श्रमिकों के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भरता के बिना विशेष परिवहन सुविधा की व्यवस्था की जाएगी और इन वाहनों को केवल 30-40 फीसदी की क्षमता पर काम करने की अनुमति दी जानी चाहिए.

निर्देश में श्रमिकों के लिए अनिवार्य चिकित्सा बीमा और भवन छोड़ने या प्रवेश करने वाले किसी व्यक्ति की अनिवार्य थर्मल स्कैनिंग भी करने को कहा गया है.